आरक्षण नीति के हिसाब से नगर निकायों में सभासद व सदस्यों का ओबीसी आरक्षण रोस्टर के हिसाब से जिलाधिकारियों के स्तर से तय किया जाएगा। मेयर, नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत अध्यक्ष का ओबीसी आरक्षण रोस्टर शहरी विकास निदेशालय के स्तर से तय किया जाएगा।
रोस्टर की अनंतिम अधिसूचना जारी करते हुए आपत्तियां व सुझाव मांगे जाएंगे। इनके निपटारे के बाद अंतिम अधिसूचना जारी होगी। इसके आधार पर ही शहरी विकास विभाग की ओर से राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव की सिफारिश की जाएगी। इसके बाद निर्वाचन आयोग चुनाव की अधिसूचना जारी करेगा।
इस पूरी प्रक्रिया में 15 से 20 दिन का समय लगना तय है। माना जा रहा है कि अगर इस सप्ताह अध्यादेश को मंजूरी मिलती है तो 15 दिसंबर के आखिरी सप्ताह में अधिसूचना जारी हो सकती है।