मृतका के भाई ने आरोप लगाया है कि जिस एंबुलेंस से उनकी बहन को भेजा गया था, उसमें वेंटीलेटर नहीं था। वेंटीलेटर होता तो बहन की जान बच सकती थी। एसटीएच में एमएस डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि मरीज इमरजेंसी में नहीं पहुंचा। किसी तरह का कोई रिकॉर्ड नहीं है।
सुशीला तिवारी अस्पताल के एमएस डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि शनिवार देर रात करीब डेढ़ बजे मरीज माधवी को अस्पताल लाया गया था। मरीज ब्रॉड डेथ थी। अस्पताल की ओर से इसकी सूचना पुलिस को दे दी गई थी।-अरुण जोशी, एमएस सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी।
महिला का सामान्य प्रसव हुआ था। रात में करीब साढ़े आठ बजे अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसका ब्लड प्रेशर काफी कम हो गया था और पल्स भी डाउन हो गई थी। - डॉ. प्रीति पंत, प्रभारी सीएमएस (महिला अस्पताल)