सूचना आयुक्त योगेश भट्ट ने बताया कि इस मामले में आयोग द्वारा संज्ञान लेने के पश्चात आरटीआई दाखिल करने वाले शांतनु बिष्ट ने अपनी आरटीआई वापस लेने की अपील की, जिसे खारिज कर दिया गया, क्योंकि आरटीआई एक्ट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।
आयोग का कोई भी आदेश मुझे अभी प्राप्त नहीं हुआ है। यह मामला मेरी जानकारी में है। हमारे स्तर पर जो अनुभव प्रमाणपत्र जारी किया गया, वह सही तथ्यों के आधार पर किया गया। उसे निरस्त क्यों किया गया, इस बारे में संबंधित अधिकारी ही बता सकेंगे।
- सोनिका, डीएम देहरादून व तत्कालीन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन
जहां तक मुझे याद है मेरे द्वारा ऐसा कोई प्रमाण रद्द नहीं किया गया था। शायद इस मामले में प्रमाणपत्र इसलिए निरस्त हुआ होगा कि यह प्राधिकृत अधिकारी द्वारा जारी नहीं किया गया।
-डॉ. आर राजेश कुमार, सचिव स्वास्थ्य