विश्व पर्यावरण दिवस पर सचिवालय परिसर में स्थित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार में वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हरक सिंह की अध्यक्षता में ईको सिस्टम रेस्टोरेशन विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने अधिकारियों को राज्य में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ग्राउंड पर उतरकर काम करने की सलाह दी।
संगोष्ठी में लेंटाना प्रबंधन एवं ग्रास लैंड विकास, मियावॉकी पद्धति से पौध रोपण, पिथौरागढ़ में जल संरक्षण के प्रयास, जायका परियोजना के अंतर्गत ईको रेस्टोरेशन संबंधी पहल, क्लाइमेट चेंज मिटिगेशन आदि विषयों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कहा कि राज्य के जलवायु परिवर्तन संबंधित प्रभाव के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होने की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वह भविष्य में प्रदेश संबंधी नीतियों में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के न्यूनीकरण की दिशा में विशेष ध्यान रखेंगे।
संगोष्ठी के बाद पत्रकारों से बातचीत करने हुए वन मंत्री ने कहा कि प्रदेश में विभिन्न डिविजन के माध्यम से 10 हजार वन प्रहरियों की नियुक्ति की जा रही है। कैंपा मद में इस बार राज्य को साढ़े चार करोड़ रुपये का बजट जारी हुआ है। जिसमें से 276 करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं। कैंपा के तहत ही वन प्रहरियों की नियुक्ति की जा रही है।