देवस्थानम बोर्ड पर सरकार ने पहले भी जनहित में फैसला लिया था। अब अगर उस पर विरोध हो रहा है तो सभी बिंदुओं को समझने के बाद भी जनहित में ही फैसला लिया जाएगा। केंद्रीय पर्यटन एवं रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने कहा कि जनहित में जो भी जरूरी होगा, वह निर्णय होगा।
मंगलवार को आईएचएम निंबूवाला में प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि राज्य सरकार ने जनहित में ही देवस्थानम बोर्ड पर हो रहे विरोध के बिंदुओं को समझने के लिए मनोहर कांत ध्यानी की अध्यक्षता में समिति का गठन किया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में आज भी त्रियुगीनारायण से लेकर तमाम पर्यटन स्थल ऐसे हैं, जिन्हें और विकसित किया जा सकता है। न केवल गढ़वाल बल्कि कुमाऊं में भी ऐसे पर्यटन स्थल हैं। केंद्र सरकार उनके लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि केदारनाथ, बदरीनाथ के लिए बजट जारी किया जा चुका है। काम चल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही वह केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय और राज्य के पर्यटन विभाग की संयुक्त बैठक देहरादून में कराने जा रहे हैं ताकि केंद्र की योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन यहां हो सके।
उन्होंने कहा कि कोस्ट गार्ड रिक्रूटमेंट सेंटर के लिए भी डीएम देहरादून से बात की गई है। अगर यहां जमीन न मिली तो राज्य में जहां भी मिलेगी, वहीं इसकी स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा को सरकार शुरू करना चाहती है लेकिन मामला अभी न्यायालय के विचाराधीन है। न्यायालय जो भी आदेश देगा, सरकार उसका पालन करेगी।