प्रदेश में अब तक सिर्फ 18 प्रतिशत दिव्यांगों के ही विशिष्ट पहचान पत्र (यूडीआईडी) बन पाए हैं। समाज कल्याण से एक लाख 18 हजार दिव्यांगों को इसके लिए चिह्नित किया गया है। इसमें 20718 दिव्यांगों के कार्ड बन चुके हैं। यूडीआईडी पोर्टल से 31544 दिव्यांगों के आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं।
आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भारत सरकार के माध्यम से दिव्यांगों को यूडीआईडी कार्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। चिकित्सकीय परीक्षण में 40 प्रतिशत से अधिक के दिव्यांगजन इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 में निहित प्रावधानों के अनुसार प्रत्येक दिव्यांग को विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए यूनिक डिसएबिलिटी आईडी नंबर दिया जा रहा है ताकि सरकार की ओर से उन्हें आसानी से सभी सुविधाएं प्राप्त हो सकें। (संवाद)
किस जिले में कितने यूडीआईडी कार्ड बने
जिला - आवेदन - कार्ड
अल्मोड़ा - 1417 - 976
बागेश्वर - 1707 - 1635
चमोली - 2129 - 1149
चंपावत - 972 - 446
देहरादून - 3607 - 643
हरिद्वार - 4347 - 4020
नैनीताल - 4751 - 3482
पौढ़ी - 2693 - 1023
पिथौरागढ़ - 1675 - 595
रुद्रप्रयाग - 1352 - 971
टिहरी - 2562 - 2283
यूएस नगर - 3407 - 3091
उत्तरकाशी - 925 - 404
यूडीआईडी कार्ड बनाने का कार्य जारी है। सभी जिलों से कार्ड के लिए आवेदन किए जा रहे हैं। प्रदेश में अब तक बीस हजार से अधिक दिव्यांगों के कार्ड बन चुके हैं। अधिक से अधिक दिव्यांगों को इसका लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है।
-वासुदेव आर्या, उपनिदेशक, समाज कल्याण