पूछताछ आरोपियों ने बताया कि था कि पौडी जेल में बंद नेरंद्र वाल्मीकि के कहने पर उन्हें पंकज ने बुलाया और बताया कि रुड़की में दो व्यक्तियों पर हमला करना है। तीन शूटरों की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ और थाना क्लेमेनटाउन पुलिस ने पीड़ितों की पहचान की और सुपारी देने वाले आरोपियों की खोजबीन शुरू कर दी थी। मुखबिर और सर्विलांस के माध्यम से सुपारी देने वालों की पुख्ता जानकारी मिलने के बाद बृहस्पतिवार को एसटीएफ और थाना क्लेमेनटाउन पुलिस ने राजकुमार त्यागी निवासी ग्राम काशीपुर थाना मंगलौर व नीरज त्यागी निवासी ग्राम तुलसीपुर थाना मंगलौर को गिरफ्तार किया। दोनों के कब्जे से सुपारी देने में प्रयोग में लाया गया मोबाइल भी बरामद कर लिया गया।
फेक आईडी से लिए सिम से की थी नरेंद्र वाल्मीकि से बात, दस लाख में हुई थी डील
आरोपियों ने फेक आईडी से लिए सिम से जेल में बंद बदमाश नरेंद्र वाल्मीकि से बात की थी। हत्या के लिए दस लाख की डील हुई थी। इसमें से चार लाख रुपये एडवांस में कुख्यात नरेंद्र बाल्मीकि का आदमी ले गया था। बाकी रकम काम होने के बाद दी जानी थी।
एक लड़के को कोर्ट में पेशी के दौरान मारना था
आरोपियों ने बताया कि लड़की के साथ ही कुल तीन लोगों की हत्या की जानी थी। जिसमें से एक युवक को कोर्ट में पेशी के दौरान मारवाने के लिए कहा गया था। यह सब आपसी रंजिश और पारिवारिक प्रतिष्ठा बचाने के लिए किया गया। जिस युवती की हत्या की जानी थी वह आरोपी राजकुमार त्यागी की पुत्री थी।