शिक्षा मंत्री ने दिया था आश्वासन
शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने 19 अप्रैल 2022 को निजी शिक्षण संचालकों के साथ हुई बैठक में निजी स्कूलों को पहाड़ में खोलने पर सुविधाएं देने का आश्वासन दिया था। बैठक में बताया गया था कि स्कूलों के लिए जमीन, बिजली, पानी, सड़क आदि की सुविधा के लिए सहयोग किया जाएगा।
केंद्रीय विद्यालयों के लिए भेजे आधे अधूरे प्रस्ताव
प्रदेश में पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार, थलीसैंण, भरसार, पाबौ ब्लॉक के मिलाई, देहरादून के क्लेमेंटटाउन, चकराता, साहिया, चमोली जिले के देवाल के सवाड, चारपाणी तोक के आमडाला, नंदप्रयाग, ऊधमसिंह नगर जिले के जसपुर, अल्मोड़ा के पांडुवाखाल, देघाट, द्वाराहाट, जैंती, टिहरी गढ़वाल में नरेंद्रनगर, कीर्तिनगर के ग्राम गुगली, जौनपुर, मोरी के नानई, बुगीधार के प्रतापनगर के मदननेगी, देवप्रयाग के हिंडोलाखाल, हरिद्वार के लक्सर, ग्राम तुगलपुर, उत्तरकाशी के भटवाड़ी, उपला टकनौर में केंद्रीय विद्यालय खुल सकता है। इसके लिए प्रस्ताव भेजे गए, लेकिन अधिकतर प्रस्ताव मानक के अनुरूप नहीं भेजे गए।
क्षेत्रीय विधायक प्रयास करें तो बने बात
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, क्षेत्रीय विधायकों के स्तर से अपने-अपने क्षेत्रों में केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए प्रयास किए जाएं तो बात बनें। विधायक स्कूल के लिए अस्थायी भवन और भूमि की व्यवस्था कर जिला प्रशासन के माध्यम से शासन को प्रस्ताव भेज सकते हैं।
केंद्रीय विद्यालयों के लिए सभी जिलों से प्रस्ताव नहीं आए, कुछ जिलों ने इसका प्रस्ताव भेजा है। इसकी फिर से समीक्षा कर प्रस्ताव मांगे जाएंगे। आज निजी स्कूल संचालकों के साथ निवेशक सम्मेलन को लेकर बैठक रखी है। सरकार चाहती है कि सभी जिलों में उच्चगुणवत्ता वाले स्कूल खुलें। इसके लिए नामी स्कूल संचालकों की राय ली जाएगी।
- रविनाथ रमन, शिक्षा सचिव