इस तरह के प्राकृतिक दृश्य एक ओर पर्यटकों के लिए काफी आकर्षण का केंद्र होते हैं। वहीं यह हमारी प्राकृतिक धरोहर भी हैं, लेकिन इस कुंड के संरक्षण को लेकर शासन-प्रशासन स्तर से कोई पहल नहीं की गई। यदि अब भी इसके संरक्षण में देर की गई तो यह सदा के लिए गायब हो जाएगा।
कुंड के पास से मिट्टी ले जाते हैं लोग
इस कुंड के पास पाई जाने वाली मिट्टी काफी मुलायम होती है। इस मिट्टी को चेहरे पर लगाने से कील, मुहासे और दाग साफ हो जाते हैं। इसलिए लोग बड़ी संख्या में यहां से मिट्टी भी ले जाते हैं।
कुंड में पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है। विभाग इसके संरक्षण के लिए योजना बना रहा है। जल्द ही इस दिशा में काम किया जाएगा।
- धीरेश चंद्र बिष्ट, वन क्षेत्राधिकारी नंदादेवी राष्ट्रीय पार्क