रेस्क्यू में अहम रहा यह पैदल मार्ग
बीते 31 जुलाई को केदारनाथ पैदल मार्ग पर आई आपदा के बाद हजारों यात्री व स्थानीय लोग विभिन्न स्थानों पर फंस गए थे। तब, कई यात्री व स्थानीय लोग केदारनाथ-खाम बुग्याल-रेकाधार-निवतर होते हुए चौमासी पहुंचे थे। इस रास्ते से पांच दिनों में 1134 यात्री व स्थानीय चौमासी गांव पहुंचे थे।
सर्वेक्षण दल में हैं ये अधिकारी-कर्मचारी
डीडीएमओ नंदन सिंह रजवार, लोनिवि एई नरेंद्र कुमार, वन विभाग के एसडीओ जुगल किशोर नेगी, उप निरीक्षक दीवाकर डिमरी, डीडीआरएफ के जवान जगमोहन, नरेंद्र, सुभाष, वन विभाग के नवीन बडोनी, अंकुर तिंदोनी, ग्रामीण मोहन, भगत, रजपाल, बीरेंद्र, भूपेंद्र, बदरी, अंकुश, हिमांशु शामिल हैं।
भाजपा प्रदेश महामंत्री ने किया दल को रवाना
भाजपा के प्रदेश महामंत्री आदित्यराम कोठारी ने वैकल्पिक मार्ग के सर्वेक्षण के लिए दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने बताया कि अतिवृष्टि के बाद केदारनाथ को अन्य वैकल्पिक मार्गों से जोड़ने के लिए चौमासी-केदारनाथ व त्रियुगीनारायण-केदारनाथ पैदल मार्ग का सर्वेक्षण किया जाएगा। सबकुछ ठीक रहा तो इन दोनों मार्गों को यात्रा के लिए तैयार किया जाएगा।
चौमासी-निवतर-रेकाधार-रामबाड़ा व केदारनाथ पैदल मार्ग के संयुक्त सर्वेक्षण के लिए दल भेजा गया है। दो दिन तक यह दल 16 से 18 किमी रास्ते पर यात्रा संचालन को लेकर सभी संभावनाओं की तलाश कर रिपोर्ट देगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर रास्ते को विकसित किया जाएगा।
- मनोज भट्ट, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग ऊखीमठ