इन्फ्लुएंजा के सब टाइप की जांच जरूरी
सर्दी में खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इन सभी मरीजों की इन्फ्लुएंजा जांच की जा रही है। इसमें अधिकतर मरीजों की इन्फ्लुएंजा-ए रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है। इन्फ्लुएंजा-ए रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मरीजों में इन्फ्लुएंजा-ए के सब टाइप की जांच की जा रही है। इसमें सब टाइप एच-1 एन-1 के मरीज लगातार पॉजिटिव आ रहे हैं। यह सब टाइप स्वाइन फ्लू को प्रजेंट करता है। इंसान और सुअर के संपर्क में लंबे समय तक रहने पर इस वायरस के म्यूटेंट होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है।
ऐसे फैलता है संक्रमण
इसका संक्रमण एक दूसरे के संपर्क में आने से फैलता है। यह संपर्क कई तरीकों से हो सकता है जैसे, संक्रमित व्यक्ति की छींक के समय निकली संक्रमित द्रव की बूंदों के संपर्क में आने से, संक्रमित व्यक्ति के खांसने से निकली हवा के संपर्क में आने से और यदि संक्रमित व्यक्ति छींकने या खांसने के समय अपने हाथ को लगाता है और फिर इसी हाथ से किसी अन्य व्यक्ति से हाथ मिलाता है।
हमारे पास जो रिपोर्ट आ रही है वह इन्फ्लुएंजा-ए मरीज के तौर पर आ रही है। स्वाइन फ्लू की रिपोर्ट हमारे पास नहीं आ रही है। मरीजों की रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड की जा रही है। -डॉ. सीएस रावत, जिला सर्विलांस अधिकारी, देहरादून