प्रदेश में एक से आठवीं तक के सरकारी और अशासकीय स्कूलों के छह लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को जूते और बैग के लिए पैसा मिलेगा। डीबीटी के माध्यम से उन्हें यह धनराशि दी जाएगी। शिक्षा निदेशक की ओर से इस संबंध में समस्त डीईओ को आदेश जारी किया गया है।
शिक्षा निदेशक वंदना गर्ब्याल की ओर से जारी आदेश के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2021-22 में राज्य के समस्त राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त स्कूलों के छात्र-छात्राओं को निशुल्क जूते और बैग दिए जाने हैं। डीबीटी के माध्यम से इसका भुगतान दिया जाना है। जनपदवार इसे दिए जाने की कार्रवाई चल रही है। निर्देश दिया जाता है कि जिन जिलों ने अब तक एक से आठवीं तक के छात्र-छात्राओं के खाते नहीं खोले। वह तत्काल खाते खोलना तय करें। ताकि छात्र-छात्राओं को जूते और बैग के लिए डीबीटी के माध्यम से पैसा दिया जा सके।
प्रदेश में बच्चों को जूते और बैग दिया जाना ठीक है, लेकिन सरकार को चुनाव के दौरान ही इसकी याद आई। यदि सरकार बच्चों की इतनी ही हितैषी थी तो हर साल उन्हें समय पर इसे उपलब्ध कराना चाहिए था। शिक्षकों के तबादले हो या निशुल्क जूते और बैग दिए जाने का मामला आचार संहिता की अनदेखी की जा रही है।
- गणेश गोदियाल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष