14 मार्च 2016 : विधानसभा के पास भाजपा की रैली के दौरान शक्तिमान घायल हुआ। घोड़े के पिछले पैर में फ्रैक्चर हुआ।
15 मार्च 2016 : डॉक्टरों की टीम ने शक्तिमान के पैर का ऑपरेशन किया।
17 मार्च 2016 : पशु चिकित्सकों की टीम ने पैर काटने का फैसला किया। उसकी जगह एक कृत्रिम अंग लगाने का फैसला लिया गया।
19 मार्च 2016 : शक्तिमान का उपचार जारी रहा। सहारे की मदद से शक्तिमान को उठाया गया।
28 मार्च 2016 : विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने घाव की स्किन ग्राफ्टिंग की।
3 अप्रैल 2016 : घोड़ा घायल होने के बाद पहली बार अपने पैरों पर खड़ा हुआ।
10 अप्रैल 2016 : अमेरिका से मंगाया गया स्थाई कृत्रिम पैर फिट किया गया।
20 अप्रैल 2016 : शक्तिमान ने दम तोड़ दिया।
कार्यकर्ताओं ने आवास पर पहुंचकर दी बधाई
कार्यकर्ताओं ने गणेश जोशी को क्लीन चिट मिलने के बाद बृहस्पतिवार शाम को उनके आवास पर पहुंचकर बधाई दी। बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उनके आवास पर पहुंचे और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जोशी को अनावश्यक रूप से विवाद में घसीटा गया। कोर्ट का निर्णय आने के बाद उन्होंने खुशी जताई।
मैंने उस समय भी कहा था कि मैं निर्दोष हूं। मैंने कहा था कि अगर में दोषी हूं तो मुझे सजा मिलनी चाहिए और अगर मैं निर्दोष हूं तो मुझे न्याय मिलना चाहिए। इस पूरे प्रकरण में 2016 से 2021 तक मैंने और मेरे परिवार ने बहुत कुछ झेला है। कई लोगों और विरोधी दलों ने मुझे दोषी ठहरा दिया। आज बार एसोसिएशन के प्रयासों और सभी शुभचिंतकों के सहयोग की बदौलत मुझे न्याय मिला है।
- गणेश जोशी, कैबिनेट मंत्री