रामदेव जी अहंकार में आ गए हैं। एलोपैथी और आयुर्वेद दोनों का महत्व है। अगर एलोपैथी का महत्व नहीं है तो आचार्य बालकृष्ण क्यों एम्स में गए थे। आयुर्वेद में कोविड का कारगर इलाज है तो उनको कोविड सेंटर खोलने चाहिए। कहने से कुछ नहीं होता, करके दिखाएं। एलोपैथिक पर सवाल खड़े करना अनुचित है। व्यापार और अहंकार को छोड़कर सबके साथ मिलकर कोरोना जैसी महामारी से लड़ने में सहयोग दें।
- स्वामी शिवानंद सरस्वती, परमाध्यक्ष, मातृसदन
कोई भी पैथी पूर्ण नहीं है। एलोपैथी के डॉक्टर इस समय सैनिकों की तरह कार्य कर रहे हैं। वे अपने परिवार और छोटे-छोटे बच्चों को छोड़कर कोरोना मरीजों के बीच रहकर उनका जीवन बचा रहे हैं। ऐसे समय में रामदेव को डॉक्टरों का मनोबल गिराने की बजाय उनका हौसला बढ़ाना चाहिए ताकि देश से कोरोना से जीत सके।
- डॉ. संध्या शर्मा, पूर्व अध्यक्ष एएमए
एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी सबकी अपनी गरिमा और सीमाएं हैं। कोई भी शत प्रतिशत नहीं है। दुकानदारी के चक्कर में गलत न कहें। आपके हिसाब से तो यह वैक्सीन भी फर्जी है। 1000 से ज्यादा मेडिकल वाले इस महामारी से लड़ने में प्राण गवां चुके हैं तो कोरोनिल लेने वाले क्या बच गए। रामदेव ने जो सवाल पूछे हैं क्या वे स्थायी इलाज का दावा कर सकते हैं। आप कुछ भी दावा करने के शौकीन हैं, जबकि आपकी सलाह पर विश्वास करने पर कई लोगों की मृत्यु समय से पहले हो गई।
- डॉ. दिनेश सिंह, अध्यक्ष, आईएमए