एसटीएफ उत्तराखंड को सूचना मिली कि अंतरराष्ट्रीय वन तस्कर शिकारियों का गिरोह उत्तराखंड राज्य के जिम कार्बेट नेशनल पार्क और राजाजी पार्क में वन्यजीवों के शिकार के लिए सक्रिय हो गया है।
वन विभाग और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) कुमाऊं ने कुख्यात अंतरराष्ट्रीय तस्कर बीरबल उर्फ तोता राम को नेपाल सीमा से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। वह नेपाल भागने की फिराक में था। कोरोना जांच के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
विज्ञापन
एसटीएफ उत्तराखंड को सूचना मिली कि अंतरराष्ट्रीय वन तस्कर शिकारियों का गिरोह उत्तराखंड राज्य के जिम कार्बेट नेशनल पार्क और राजाजी पार्क में वन्यजीवों के शिकार के लिए सक्रिय हो गया है। इस पर एक माह पहले एसटीएफ निरीक्षक संदीप नेगी के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया।
इस टीम ने 12 वर्षों से वन्यजीव जंतु अधिनियम में वांछित फरार बीरबल उर्फ गोपी उर्फ तोता राम निवासी गंदा नाला पानीपत (हरियाणा) की गिरफ्तारी के लिए पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और नेपाल के जंगलों की खाक छान डाली।
विज्ञापन
25 मई को एसटीएफ और खटीमा रेंज के वन विभाग अधिकारियों को सूचना मिली कि तोता राम खटीमा के जंगलों में छिपा हुआ है। एसटीएफ निरीक्षक संदीप नेगी एवं खटीमा रेंज वन क्षेत्राधिकारी राजेंद्र सिंह मनराल के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने उसकी तलाश शुरू की। टीम ने नेपाल सीमा से लगे खटीमा वन प्रभाग क्षेत्र नखाताल ब्लॉक कंपार्ट संख्या एक में भारत-नेपाल सीमा के पास नेपाल सीमा में प्रवेश करने से पहले बीरबल उर्फ तोता राम को गिरफ्तार कर लिया।
बीरबल ने पूछताछ में बताया कि कुछ वर्षों से वह हिमाचल के जंगलों में छिपा था। कोविड-19 महामारी के दौरान वह अपने गैंग को फिर से सक्रिय कर वन्यजीवों का शिकार करने की जुगत में था। रेंजर राजेंद्र सिंह मनराल ने बताया कि आरोपी को मेडिकल एवं कोविड-19 चिकित्सा परीक्षण कराकर कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसको न्यायिक अभिरक्षा में हल्द्वानी कारागार भेजा गया।
अमर उजाला ने किया था सतर्क
कुख्यात तस्कर संसार चंद के गुर्गों के कुमाऊं के जंगल में घुसपैठ को लेकर अमर उजाला ने एक मई को खबर प्रकाशित की थी। इसमें संदेह जताया गया था कि कोरोनाकाल का फायदा उठाकर तस्कर बाघ और तेंदुओं का शिकार कर सकते हैं। खबर प्रकाशित होने और तस्करों की जंगलों में घुसपैठ के सबूत मिलते ही कुमाऊं एसटीएफ अलर्ट हो गई थी।
भीमा के साथ मिलकर तोता राम ने दो बाघों का किया था शिकार
बीरबल उर्फ गोपी उर्फ तोता राम कभी अंतरराष्ट्रीय तस्कर संसार चंद के गिरोह में था। संसार चंद की वर्ष 2012 में मृत्यु के बाद वह भीमा के साथ मिलकर अपना गिरोह बनाकर शिकार करने लगा। मई 2012 में कार्बेट टाइगर रिजर्व में बाघों का शिकार हुआ था। मामले में आठ बावरिया हरियाणा से गिरफ्तार हुए थे।
भीमा उस केस में वांछित था, जो कि बाद में गुरुग्राम (हरियाणा) से गिरफ्तार हुआ था। पूछताछ में भीमा ने बताया था कि उसने वर्ष 2011 और 2012 में बीरबल उर्फ गोपी उर्फ तोता राम के साथ मिलकर लैंसडौन के जंगल में दो बाघों का शिकार किया था।
उत्तराखंड में वन्यजीवों के बढ़ते शिकार पर हाईकोर्ट ने भी सख्ती दिखाई थी। पीआईएल ‘हिमालय युवा ग्रामीण विकास संस्थान बनाम उत्तराखंड राज्य’ में हाईकोर्ट की खंडपीठ ने वन्यजीवों के शिकार के दृष्टिगत शिकारियों को पकड़ने के लिए स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम एक राजपत्रित अधिकारी के नेतृत्व में गठित करने के निर्देश दिए थे। स्पेशल टास्क फोर्स में एसएसपी एसटीएफ के नेतृत्व में छह सदस्यीय टीम गठित की गई। टीम अब तक वन्यजीव जंतु अपराधों में कुख्यात वांछित आठ अपराधियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
तोता राम पर दर्ज मुकदमे
गिरफ्तार किए गए अभियुक्त बीरबल उर्फ तोता राम पर दुधवा नेशनल पार्क उत्तर प्रदेश, शारदा रेंज उत्तराखंड, ऊधमसिंह नगर और बनबसा (चंपावत) में वन्य जीव जंतु अधिनियम में केस दर्ज हैं।
टीम में ये रहे शामिल
गिरफ्तार करने वाली टीम में एसटीएफ निरीक्षक संदीप नेगी, उप निरीक्षक याजवेंद्र बाजवा, बृज भूषण गुरुरानी, वेद प्रकाश भट्ट, बृजेंद्र चौहान, महेंद्र नेगी, लोकेंद्र कुमार, प्रमोद सिंह रौतेला, संजय कुमार, रियाज अख्तर, वन क्षेत्राधिकारी राजेंद्र सिंह मनराल, वन दरोगा संतोष भंडारी और भैरव सिंह बिष्ट शामिल रहे।