उत्तराखंड भवन सन्निर्माण एवं कर्मकार कल्याण बोर्ड की बोर्ड बैठक में जमकर हंगामा हुआ। वर्चुअल बैठक में अध्यक्ष और सचिव के बीच काफी गर्मागर्मी हुई, जिसके बाद सचिव ने बीच में ही बैठक छोड़ दी।
विज्ञापन
बुधवार को बोर्ड के अध्यक्ष शमशेर सिंह सत्याल ने बोर्ड की वर्चुअल बैठक बुलाई थी। बैठक में सचिव मधु नेगी चौहान भी शामिल हुईं। चूंकि पहले से ही अध्यक्ष और सचिव के बीच तनातनी चल रही है। अध्यक्ष लगातार सचिव को हटाने के लिए मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव को पत्र भेज रहे हैं। लिहाजा, यह तल्खियां बोर्ड बैठक में भी खुलकर सामने आने लगीं। देखते ही देखते बात हंगामे की ओर बढ़ गई।
अध्यक्ष और सचिव के बीच विवाद बढ़ता चला गया, जिससे माहौल गर्म हो गया। दोनों के बीच काफी तीखी बहस भी हुई। इस विवाद के बीच सचिव मधु नेगी चौहान ने बीच में ही बोर्ड बैठक छोड़ दी। बैठक के बाद अध्यक्ष शमशेर सिंह सत्याल ने सचिव को कार्यमुक्त करने का आदेश जारी कर दिया। उनके बजाए देहरादून के उप श्रमायुक्त को सचिव का कार्यभार देने का आदेश भी दे दिया गया।
विज्ञापन
पहली बात तो यह है कि नियम के हिसाब से सचिव बोर्ड बैठक बुलाते हैं और इसमें सभी सदस्यों का कोरम पूरा होना चाहिए। आज की बैठक खुद अध्यक्ष ने बुलाई और कोरम भी पूरा नहीं था। मैं लगातार एजेंडे पर बात करने पर जोर देती रही, लेकिन कोई सुनने को तैयार ही नहीं हुआ। गलत तरीके से बात की तो मैंने बैठक छोड़ दी। इससे पहले भी अध्यक्ष ने खुद ही बैठक बुलाई और खुद ही नियम विरुद्ध मिनट्स भी जारी किए। सचिव को कार्यमुक्त करने का अधिकार सरकार को है। सरकार जो निर्देश देगी, मैं उसका अनुपालन करूंगी।
- मधु नेगी चौहान, सचिव, कर्मकार बोर्ड
हमने बुधवार को बोर्ड बैठक बुलाई थी। सभी सदस्य वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे। सचिव का व्यवहार पहले से ही गलत नजर आया। सभी अपने विषय रखते रहे कि इसी बीच सचिव बैठक छोड़ गईं। बाद में बोर्ड ने उनके इस व्यवहार को गलत मानते हुए उन्हें कार्यमुक्त करने का फैसला लिया। उप श्रमायुक्त को फिलहाल चार्ज देने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले के संदर्भ में शासन को स्वीकृति के लिए पत्र भेज दिया गया है।