हिंदू संगठन लंबे समय से यह आशंका जाहिर कर रहे हैं कि प्रदेश में एक साजिश के तहत एक समुदाय के लोगों को असम की तर्ज पर उत्तराखंड में बसाया जा रहा है। कई संगठन इस संबंध में सरकार से ध्यान देने की भी मांग कर चुके हैं।
ये हैं सरकार की चिंता के कारण
- पिछले दो दशक में उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में गांव तेजी से खाली हुए हैं।
- स्थानीय व मूल निवासियों से खाली हो रहे पहाड़ में गैर हिंदू आबादी का पलायन हो रहा है।
- वे स्थानीय लोगों की भूमि खरीद रहे हैं और वहां बस रहे हैं।
- चारधाम, ऋषिकेश और हरिद्वार में भी तेजी से आबादी बढ़ी है।
- सरकार को रोहिंग्याओं और बांग्लादेशियों की घुसपैठ की आशंका है।
- एक समुदाय विशेष की आबादी में 35 प्रतिशत की वृद्धि भी चिंता।
- पहाड़ों और वनों में अपराधियों की शरणस्थली बनने की आशंका।