विभागी सूत्रों का कहना है कि इसके जरिये विभिन्न विभागों में युवाओं को बड़ी संख्या में बैक डोर से रखे जाने की तैयारी है। हालांकि, विभागीय सचिव संत का कहना है कि विभागों से मांग के अनुरूप युवाओं की तैनाती की जाएगी। इन पदों पर शैक्षिक योग्यता रखने वाले युवाओं को ही रखा जाएगा। विभाग की ओर से इन पदों पर तैनाती के लिए विज्ञप्ति जारी नहीं की जाएगी।
नर्सिंग सहायक और वार्ड ब्वाय सहित विभिन्न पदों के लिए युवाओं को युवा कल्याण एवं पीआरडी के माध्यम से रखे जाने के लिए पूर्व के 2006 के एक शासनादेश को संशोधित किया गया है। मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री के निर्देश के बाद ही यह संशोधन हुआ है।
-बृजेश कुमार संत, प्रभारी सचिव युवा कल्याण
बिना किसी चयन प्रक्रिया को अपनाए विभिन्न विभागों में इस तरह से की जाने वाली तैनाती युवाओं के साथ धोखा है। इससे भाई भतीजावाद एवं भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। विभाग मंत्रियों, अधिकारियों एवं विधायकों की सिफारिश से नियुक्तियों का बड़ा अड्डा बन जाएगा।
-रविंद्र जुगरान, आप नेता एवं राज्य युवा कल्याण परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष