परिवहन आयुक्त दीपेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि इसके लिए देशभर से सीएनजी किट लगाने वाली कंपनियों को बुलाया जा रहा है।
कुछ कंपनियों ने परिवहन विभाग के सामने अपनी सीएनजी किट को सभी मानकों के साथ पेश भी कर दिया है। परिवहन आयुक्त के मुताबिक, करीब आठ और कंपनियों को प्रदेश में सीएनजी किट लगाने की अनुमति दी जाएगी। ताकि आने वाले समय में सीएनजी किट के लिए वाहन मालिकों को कतार में न लगना पड़े।
सीएनजी वाहनों की होगी डिजिटल निगरानी
केंद्र सरकार सीएनजी किट लगाने का प्रचलन बढ़ने के साथ ही इससे जुड़े नियम भी सख्त करने जा रही है। इसके तहत जिन वाहनों में सीएनजी किट लगेगी, उनकी डिजिटल निगरानी सख्त तौर पर की जाएगी। ऐसा इसलिए ताकि सीएनजी किट में कोई खामी आने पर उसका पता लगाया जा सके। किसी भी तरह के हादसे से बचा जा सके।