फंदे से निकलने के लिए वह छटपटा रही थी। ग्रामीणों ने इसकी सूचना प्रभागीय वनाधिकारी राजीव धीमान को दी। उनके निर्देश पर रेस्क्यू टीम ने डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद उसे फंदे से निकाला और दून चिड़ियाघर रेस्क्यू सेंटर ले गए। वहां डाक्टरों की टीम ने उसका इलाज किया। प्रभागीय वनाधिकारी धीमान के आदेश पर अज्ञात शिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी खोजबीन की जा रही है।
फंदे में फंसकर जा चुकी है कई गुलदारों की जान
यह पहली बार नहीं है जब शिकारियों के फंदे में गुलदार फंसा हो। इससे पहले राजधानी से सटे कई इलाकों में शिकारियों के लगाए गए फंदे में फंस कर कई गुलदारों की मौत भी हो चुकी है, वहीं कई तेंदुओं को बचाया जा चुका है।
शिकारी जंगली सूअरों को पकड़ने के चक्कर में फंदे लगा देते हैं और इसमें जंगली सूअर की जगह गुलदार फंस जाते हैं। झाझरा क्षेत्र में बड़ी संख्या में गुलदार पाए जाते हैं जो अक्सर फंदे में फंस जाते हैं।
-राजीव धीमान,प्रभागीय वनाधिकारी