हाईकोर्ट से निर्णय आने वाले दिन अचानक आबिद के लापता होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। बुधवार को एलआईयू समेत पांच पुलिसकर्मियों को निगरानी के लिए तैनात किया गया था। बावजूद इसके आबिद पुलिसकर्मियों को झांसा देकर फरार हो गया। ऐसे में पुलिस और एलआईयू की लापरवाही भी सामने आई है। वहीं, यह भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि आबिद ने फरार होने की योजना पहले से तो तैयार नहीं कर रखी थी।
आबिद जिस तरह शातिराना अंदाज में फरार हुआ, उससे देहरादून से लेकर जिले में बैठे पुलिस अधिकारी हैरत में हैं। पुलिस निगरानी का पहरा तोड़कर आबिद की फरारी ने पुलिस और एलआईयू की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी बड़ी लापरवाही से अधिकारियों में खासी नाराजगी है। इस बीच उसकी फरारी को लेकर पुलिस और एलआईयू के बीच कई सवाल तैर रहे हैं।
मसलन हाईकोर्ट से निर्णय वाले दिन फरार होने के पीछे क्या मकसद हो सकता है। सवाल यह भी है कि कहीं ऐसा तो नहीं है कि आबिद को पहले ही अंदेशा हो गया हो कि हाईकोर्ट से निर्णय उसके खिलाफ आएगा। इसी के चलते निर्णय वाले दिन फरार होने की योजना पहले से ही तैयार कर ली हो। या फिर उसने फरारी की योजना के साथ छिपने के लिए दूसरा ठिकाना तो नहीं चुन लिया था।
तलाश में उतारी पुलिस की फौज
पाकिस्तानी नागरिक के अचानक लापता होने की सूचना से रुड़की से लेकर देहरादून तक हड़कंप मच गया। आबिद की तलाश के लिए पुलिस अधिकारियों ने पुलिस और खुफिया विभाग की पूरी फौज उतार दी। हरिद्वार से भी एलआईयू की टीम ने रुड़की में डेरा डाल दिया। रात करीब नौ बजे उसके पकड़ने जाने पर पुलिस ने राहत की सांस ली।
डीजीपी लेते रहे पल-पल की जानकारी
आबिद के लापता होने की सूचना देहरादून में बैठे डीजीपी अशोक कुमार को लगी तो उन्होंने जिले के पुलिस अधिकारियों को तलाश करने के निर्देश दिए। वे देहरादून में बैठकर जिले के अधिकारियों से पल-पल की खबर लेते रहे। साथ ही आबिद को जल्द तलाश करने के निर्देश देते रहे।