सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय सुुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चारधाम सड़क परियोजना के तहत भारत-चीन सीमा पर सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने की अनुमति दे दी है। कोर्ट के इस निर्णय से उत्तरकाशी जनपद मेें भी सड़कों में सुधार होने की उम्मीद जगी है। यमुनोत्री व गंगोत्री हाईवे का बड़ा हिस्सा भी इसकी जद में है। वहीं स्थानीय निवासियों के साथ ही होटल व्यवसायियों ने भी इस निर्णय पर खुशी जताई है।
चारधाम सड़क परियोजना को लेकर विचाराधीन फैसले पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्णय के बाद अब प्रस्तावित यमुनोत्री धाम की सड़क पालीगाड़ से जानकीचट्टी, ओजरी डबरकोट में टनल निर्माण के साथ ही धरासू बड़कोट बैंड के बीच अधर में लटके चार किमी सड़क निर्माण कार्य में तेजी आएगी। चारधाम सड़क परियोजना के तहत सड़क चौड़ीकरण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मामला विचाराधीन था। भाजपा के वरिष्ठ नेता एडवोकेट बिरेंद्र पयाल, पूर्व पालिका अध्यक्ष अतोल रावत, कांग्रेस के अजबीन पंवार आदि ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। इधर अधिशासी अभियंता एनएच राजेश पंत ने कहा कि मामला न्यायालय में चलने के कारण धरासू फूलचट्टी के बीच चौड़ीकरण, निर्माणाधीन चार किमी सड़क निर्माण शुरू होने के साथ ही पाललीगाड़ जानकीचट्टी के 22 किमी हिस्से में चौड़ीकरण की पत्रावली को अब गति मिलेगी।
भूस्खलन जोन पर टनल बनने की जगी उम्मीद
चारधाम सड़क परियोजना को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यमुनोत्री हाईवे पर ओजरी डबरकोट में नासूर बने भूस्खलन जोन पर टनल बनने की उम्मीद जगी है। साथ ही चारधाम यात्रा में पिछले पांच सालों से हो रही परेशानी से निजात मिलने की आस भी है। यमुनोत्री हाईवे पर स्यानाचट्टी के पास ओजरी डबरकोट में 2017 से भूस्खलन होने के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। एनएच ने यहां पर स्थायी समाधान के लिए करीब डेढ़ किमी टनल प्रस्तावित किया है, लेकिन इस बीच मामला न्यायालय में जाने से टनल की कागजी कार्रवाई भी अटकी थी। नौगांव ब्लॉक प्रमुख सरोज पंवार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए बताया कि सड़क चौड़ीकरण होने से आवागमन में सुलभता होगी। ईई राजेश पंत ने कहा कि इसमें डीपीआर तैयार करवाई जानी थी।
होटल व्यवसायियों ने जताई खुशी
चारधाम सड़क परियोजना को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर होटल कारोबारी व पर्यटन व्यवसायियों ने खुशी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में सड़कों की चौड़ाई 10 मीटर करने का निर्देश दिया है। इससे सामरिक दृष्टि से चीन से मुकाबला तो होगा ही, साथ ही पर्यटन पर भी इसका अनुकूल प्रभाव पड़ेगा। वर्षभर पर्यटन गतिविधियों को मजबूती मिलने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र मटूड़ा ने कहा कि पर्यावरण के नाम पर बेवजह विकास में अवरोध पैदा करने वाले तथाकथित ठेकेदारों को सबक मिला है।