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उत्तराखंड: लेटर बॉक्स हुआ स्मार्ट, खुद रख रहा चिट्ठी का हिसाब, पढ़ें खास खबर...

Thu, 28 Jan 2021 04:12 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal मोनू शर्मा, अमर उजाला, रुड़की
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उत्तराखंड - फोटो : अमर उजाला (File Photo)
तेजी से आए तकनीकी बदलाव और सोशल मीडिया ने चिट्ठी भेजने के प्रचलन पर गहरा असर डाला है। अब पोस्टकार्ड या अंतरदेशीय पत्र जैसे नाम सिर्फ बीती यादें बनकर रह गए हैं। रुड़की शहर और देहात में लगे लेटर बॉक्स भी अपना अस्तित्व खोने की कगार पर पहुंच चुके हैं। इन लेटर बॉक्स को अस्तित्व में लाने के लिए विभाग ने नई योजना शुरू की है। नई योजना के तहत सभी लेटर बॉक्स पर बार कोड लगाया गया है। बार कोड के जरिए ही लेटर बॉक्स खुलेंगे और बॉक्स में डाली जाने वाली चिट्ठियों पर पोस्ट ऑफिस से नजर रहेगी।
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डाक विभाग - फोटो : PTI File Photo
एक साल से शहर के सभी बॉक्सों में बार कोड सिस्टम चल रहा है। डाक विभाग ने डिजीटल इंडिया की मुहिम को आगे बढ़ाते हुए फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्ट्राग्राम, ट्विटर में गुम होती जा रही चिट्ठियों की दुनिया को बचाने के लिए यह पहल शुरू की है। इसके लिए विभाग ने तकनीकी योजना बनाई है। विभाग ने लेटर बॉक्स में अति सुरक्षित बार कोड लगाया है। इसके लिए पोस्टमैन के मोबाइल में एक एप डाउनलोड कराया गया है। एप के जरिए पोस्टमैन लेटर बॉक्स खोल पाएंगे। पोस्टमैन जैसे ही एप से बार कोड स्कैन करेगा उसे तुरंत लेटर बॉक्स में पड़ी चिट्ठियों की संख्या का पता चल जाएगा।
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डाकघर - फोटो : अमर उजाला (file photo)
इसके अलावा सभी लेटर बॉक्स को सीधा मुख्य डाकघर से भी जोड़ा गया है। पोस्टमैन के लेटर बॉक्स को खोलते ही पूरा रिकार्ड डाकघर पहुंच जाएगा। इससे अधिकारी यह भी जान सकेंगे कि कौन सा बॉक्स किस समय खुला है और कौन सा बॉक्स खुला नहीं है। साथ ही विभाग की सभी लेटर बॉक्स पर सीधी नजर रहेगी। कोई गड़बड़ी होगी तो तुरंत विभाग को पता चलेगा और उसे सही कर दिया जाएगा। सभी लेटर बॉक्स को नई तकनीकी से जुड़ने से कर्मचारियों की लापरवाही पर भी अधिकारियों की सीधी नजर होगी।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
पहले ऐसा होता था कि कर्मचारी लेटर बॉक्स से चिट्ठी निकालने में लापरवाही करते थे। महीनों तक वह लेटर बॉक्स से चिट्ठी नहीं निकालते थे, जिससे चिट्ठी या पोस्ट कार्ड भेजने वालों का विभाग से भरोसा उठने लगा था। इसलिए उन्होंने निजी कंपनियों की ओर रुख कर लिया था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब अधिकारियों की सीधी कर्मचारियों पर नजर रहेगी कि वह लेटर बॉक्स से चिट्ठी लेने गए थे या नहीं। शहर के सभी लेटर बॉक्स पर प्रेरक संदेश अंकित किए गए हैं। लेटर बॉक्स पर स्वच्छ भारत मिशन, बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ, पर्यावरण संबंधी प्रेरक संदेश अंकित किए गए हैं।
 
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डाकघर - फोटो : अमर उजाला (file photo)
इसके अलावा सभी लेटर बॉक्स की साज-सज्जा की गई है। जहां पर लेटर बॉक्स खराब हो चुके थे, उस जगह बदलकर नए बॉक्स लगाए गए हैं। 

सरकार की मंशा के अनुरूप ही लेटर बॉक्स को डिजीटल तकनीक से जोड़ने और संवारने का काम किया गया है। सभी लेटर बॉक्स में नई तकनीकी लगाई गई है। इससे चिट्ठियों का पूरा हिसाब विभाग के पास बॉक्स खुलने पर तुरंत पहुंच जाएगा। शहर में 14 लेटर बॉक्स हैं, जिनमें नई तकनीक काम कर रही है।
- आरडी रतूड़ी, पोस्टमास्टर, मुख्य डाकघर, रुड़की
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