नौगांव ब्लॉक प्रमुख सरोज पंवार, पुरोहित महासभा के अध्यक्ष पुरुषोतम उनियाल, तीर्थ पुरोहित मनमोहन उनियाल, पवन उनियाल, अजबीन पंवार व लोकेश चौहान आदि का कहना है कि यमुनोत्रीधाम में जमा गाद, मलबा व बोल्डरों को समय से न हटाया गया तो इससे बड़ी तबाही हो सकती है। इसका असर धाम के साथ ही यमुना के तटीय क्षेत्रों में हो रहे निर्माण कार्यों पर पड़ सकता है।
पहले बन चुकी हैं झील
पहले भी मलबे और बोल्डरों के चलते यमुना नदी के उद्गम व त्रिवेणी की तलहटी के दोनों ओर बनी घाटी में वर्ष 2007 में झील बन गई थी। हालांकि इससे उस समय कुछ नुकसान नहीं हुआ था। झील के धीरे-धीरे खुल जाने से लोगों ने राहत की सांस ली थी। नदी के मुहाने पर दोबारा से मलबा व बोल्डर होने से दोबारा झील बनी तो यह खतरा हो सकती है।
धाम में एकत्रित हुए मलबे, बोल्डर व गाद के मामले को लेकर सिंचाई, राजस्व विभाग एवं मंदिर समिति के सदस्यों की टीम भेजी जाएगी। उनकी रिपोर्ट आने पर जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
- शालिनी नेगी, एसडीएम बड़कोट