अब आजीविका पैकेज के तहत संबंधित विभाग आर्थिक गतिविधि को शुरू करने का पूरा पैकेज देगा। आदेश के तहत अधिकतम 99 हजार तक का लाभ दिया जा सकेगा। जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी इसकी हर माह समीक्षा करेंगे और शासन स्तर पर हर तिमाही समीक्षा होगी।
योजना के तहत प्रदेश के तीस हजार परिवारों को पहले चरण में शामिल किया जाना है। मनरेगा के राज्य समन्वयक मोहम्मद असलम के मुताबिक परिवारों का आर्थिक पैकेज इस तरह का होगा कि वे छह माह तक आसानी से परिवार का भरण पोषण कर सकें।
तीन प्रकार के पैकेज
योजना में भूमिहीन सहित एक नाली से लेकर दस नाली और इससे अधिक जमीन की उपलब्धता के पैकेज हैं। हर पैकेज में एक या एक से अधिक काम शुरू करने पर सहायता का प्रावधान हैं। योजना के तहत हर लाभार्थी को दस फलदार पेड़ों की पौध जरूर दी जाएगी। इसको पोषण वाटिका का नाम दिया गया है।
प्रवासियों पर फोकस
योजना की खास बात ये है कि यह प्रवासियों को देखते हुए शुरू की गई है। मनरेगा में इस समय पिछले साल की तुलना में ढाई लाख लोग अधिक जुड़े हैं और इसमें अधिकतर प्रवासी ही हैं।