सेवानिवृत्त सफाई कर्मियों के बकाया वेतन, पेंशन का भुगतान करने के लिए सरकार ने नगर निगम हरिद्वार को 10.9 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। मंगलवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने सफाई कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों को स्वीकृत राशि का चेक दिया।
प्रदेश सरकार ने नगर निगम हरिद्वार से संबंधित 2016 तक सेवानिवृत्त कार्मिकों के बकाया वेतन, पेंशन एवं अन्य देयता के भुगतान के संबंध में निर्णय ले लिया है। चतुर्थ वित्त आयोग के माध्यम से सरकार वित्त वर्ष 2020-21 में नगर निगम हरिद्वार को लंबित वेतन और पेंशन के भुगतान के लिए 10 करोड़ 9 लाख 50 हजार की धनराशि जारी की है।
शहरी विकास विभाग की ओर से एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली पोर्टल के माध्यम से आनलाइन बिल तैयार करके धनराशि को नगर निगम हरिद्वार के खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। इसके बाद 31 मार्च, 2016 तक सेवानिवृत्त कार्मिकों का बकाया वेतन, पेंशन एवं अन्य देय भत्तों का भुगतान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने निदेशक नगर विकास विनोद सुमन को निर्देश देते हुए कहा कि मृतक आश्रित और पदोन्नति के मामलों का जल्द निस्तारण करें। काफी दिनों से चल रहे लंबित पेंशन भुगतान की मांग को देखते हुए सरकार ने कार्मिकों के हित निर्णय लिया है और कहा गया कि नगर विकास सहित सभी विभाग के कार्मिकों की समस्या का हल सरकार करेगी।
इस मौके पर देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय सौदा, अध्यक्ष गढ़वाल मंडल गगन कांगडा, उपाध्यक्ष गढ़वाल मंडल सत्यप्रकाश, शाखा सचिव हरिद्वार नीरज बागड़ी, शाखा अध्यक्ष अशोक कुमार एवं सदस्य अभिनव अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
मृतक आश्रित के पद बहाल करने और प्रमोशन देने की मांग
देवभूमि सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अजय सौदा ने कहा कि सरकार ने कई सालों से लंबित पेंशन और वेतन भुगतान की मांग पूरी की है। संघ ने सरकार से आग्रह किया कि निकायों में सफाई कर्मचारियों और मृतक आश्रित के पद समाप्त किए गए हैं, इन्हें दोबारा से बहाल किए जाए। लिपिक पद पर काम करने वाले सफाई कर्मियों को प्रमोशन का लाभ दिया जाए।