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उत्तराखंड: रुद्रप्रयाग पहुंचा शहीद योगंबर सिंह का पार्थिव शरीर, रविवार को सैन्य सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

Sat, 16 Oct 2021 05:51 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal संवाद एजेंसी न्यूज, पोखरी

सार

14 अक्तूबर की रात जम्मू-कश्मीर के पुंछ में आतंकियों से मुठभेड़ में योगंबर सिंह शहीद हो गए थे। वर्तमान में वे सेना की 48 आरआर (राष्ट्रीय रायफल) रेजीमेंट में जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी पर थे।
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शहीद योगंबर सिंह - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद पोखरी विकासखंड के सांकरी गांव निवासी सैनिक योगंबर सिंह का पार्थिव शव रुद्रप्रयाग सैनिक कैंप पहुंच गया। रविवार को पैतृक घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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17 गढ़वाल राइफल्स में तैनात थे शहीद योगंबर
विकास खंड पोखरी के सांकरी गांव निवासी राइफलमैन योगंबर सिंह पुत्र बीरेंद्र सिंह भंडारी 17 गढ़वाल राइफल्स में तैनात थे। वर्तमान में वे सेना की 48 आरआर (राष्ट्रीय रायफल) रेजीमेंट में जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी पर थे।

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सैनिक कैंप रुद्रप्रयाग में रखा गया पार्थिव शरीर
14 अक्तूबर की रात जम्मू-कश्मीर के पुंछ में आतंकियों से मुठभेड़ में योगंबर सिंह शहीद हो गए थे। नायब तहसीलदार योगंबर सिंह नेगी ने बताया कि शहीद का पार्थिव शरीर आर्मी के वाहन से रुद्रप्रयाग पहुंच गया है। पार्थिव शरीर को सैनिक कैंप रुद्रप्रयाग में रखा गया है। रविवार को शहीद के पार्थिव शरीर को उनके गांव सांकरी लाया जाएगा। जिसके बाद पैतृक घाट निगोमदी नदी किनारे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। 

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परिवार पर अचानक दुखों का पहाड़ टूटा

दूसरी ओर योगंबर की याद में परिजनों के आंसू नहीं थम रहे हैं। योगंबर की मां हर समय बेटे को ही पुकार रही हैं। शोक में डूबे परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे लोगों के भी आंसू छलक रहे हैं।

योगंबर के दीपावली पर घर आने की राह देख रहे माता-पिता, पत्नी, बहन, भाई सहित पूरे परिवार पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट गया है।

शहीद की मां और पत्नी बेसुध
योगंबर की मां जानकी देवी और पत्नी कुसुम बेसुध हैं। योगंबर के पिता वीरेंद्र भंडारी के भी आंसू नहीं थम रहे हैं। पूरे सांकरी गांव में शोक का माहौल है। लोग परिवार को ढांढस बंधाने के लिए पहुंच रहे हैं। शुक्रवार से उनके घर पर पूरे दिन लोगों का तांता लगा रहा।
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