दूसरी ओर योगंबर की याद में परिजनों के आंसू नहीं थम रहे हैं। योगंबर की मां हर समय बेटे को ही पुकार रही हैं। शोक में डूबे परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे लोगों के भी आंसू छलक रहे हैं।
योगंबर के दीपावली पर घर आने की राह देख रहे माता-पिता, पत्नी, बहन, भाई सहित पूरे परिवार पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट गया है।
शहीद की मां और पत्नी बेसुध
योगंबर की मां जानकी देवी और पत्नी कुसुम बेसुध हैं। योगंबर के पिता वीरेंद्र भंडारी के भी आंसू नहीं थम रहे हैं। पूरे सांकरी गांव में शोक का माहौल है। लोग परिवार को ढांढस बंधाने के लिए पहुंच रहे हैं। शुक्रवार से उनके घर पर पूरे दिन लोगों का तांता लगा रहा।