भास्कर उत्तराखंड के सबसे कुख्यात और 50 हजार रुपये के इनामी रहे खीम सिंह बोरा का दायां हाथ माना जाता है। इसका नाम बोरा के साथी देवेंद्र चम्याल की 2017 में हुई गिरफ्तारी के बाद सामने आया था। इसके बाद भास्कर इनामी हो गया और कुछ दिन बाद 2017 में ही उस पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया।
माओवादी गतिविधियों में संलिप्त भास्कर पांडे उर्फ भुवन पांडे उर्फ तरुण उर्फ मनीष पांडे पुत्र खीमानंद पांडे निवासी आरतोला, जागेश्वर तहसील भनोली, अल्मोड़ा केखिलाफ सरकारी वाहन जलाने, नैनीसार में तोड़फोड़ और दीवारों पर नारे और पोस्टर लगाने के भी आरोप हैं।
2017 में पकड़े गए 50 हजार के इनामी देवेंद्र चम्याल से पूछताछ में माओवादी नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां मिली थी। इसके बाद भास्कर का नाम सामने आया था। अल्मोड़ा पुलिस ने भास्कर पर ढाई हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। भास्कर कुख्यात खीम सिंह बोरा का दायां हाथ माना जाता है। बोरा को 2019 में यूपी एटीएस ने गिरफ्तार किया था। आरोप है कि पांडे बोरा के साथ कई गतिविधियों में शामिल रहा हैं। बोरा के पकड़े जाने के बाद वह लगातार फरार चल रहा था। हाल ही में पुलिस उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित करने तैयारी कर रही थी।
यह उत्तराखंड का एकमात्र इनामी माओवादी था। इसे अल्मोड़ा से गिरफ्तार किया गया है। भास्कर के बारे में पता चला है कि वह उत्तराखंड के बाहर भी सक्रिय रहा है। ऐसे में उससे आईबी और अन्य जांच एजेंसी भी उत्तराखंड पुलिस के साथ मिलकर पूछताछ कर रही हैं। .
-अशोक कुमार, डीजीपी, उत्तराखंड पुलिस