रावल भीमाशंकर लिंग ने धारण किया स्वर्ण मुकुट
परंपरानुसार शीतकालीन पूजा-अर्चना के लिए बाबा केदार की डोली के ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान होने के बाद भोगमूर्ति के सिर पर विराजमान स्वर्ण मुकुट को उतार दिया गया। विधि-विधान के साथ इस स्वर्ण मुकुट को केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग ने धारण किया। अब शीतकाल के छह माह तक बोलंदा केदार के रूप में रावल अपने गृह क्षेत्र कर्नाटक सहित देश के विभिन्न राज्यों का भ्रमण कर केदारनाथ की महिमा का प्रचार-प्रसार करेंगे। साथ ही श्रद्धालुओं को यात्राकाल में बाबा केदार के दर्शनों लिए आमंत्रित करेंगे।
सेना के जवानों के साथ पुलिस को किया सम्मानित
भगवान केदारनाथ के शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर आगमन पर ओंकारेश्वर मंदिर में पंचगाईं हक-हकूकधारी समिति ने केदार महोत्सव का आयोजन किया। इस मौके पर केदारनाथ यात्रा के बेहतर संचालन के लिए तहसीलदार दीवान सिंह राणा को सम्मानित किया गया। साथ ही यात्रा में डोली को धाम ले जाने व वापस शीतकालीन गद्दी स्थल लाने में सहयोग करने वाले हक-हकूकधारियों, सेना के जवानों, पुलिस और महिला मंगल दल व भजन कीर्तन मंडलियों को सम्मानित किया गया।