रात में भी दो वनकर्मियों पर गुलदार ने किया हमला
बृहस्पतिवार को कीर्तिनगर के नैथाणा में तीन, डांग व पैंडुला गांव में दो महिलाओं पर गुलदार ने हमला कर दिया था। जिसके बाद वन विभाग ने अलग-अलग जगह पर टीम तैनात की। रात में करीब 12 बजे मलेथा में वनकर्मी गुड्डू के पैर पर गुलदार ने हमला कर जख्मी कर दिया। जबकि रामपुर गांव में जाते हुए वनकर्मी तेज सिंह को भी गुलदार ने घायल कर दिया। विधायक विधायक विनोद कंडारी ने भी मलेथा में सुबह से घटना स्थल पर डेरा जमाए रखा और वनकर्मियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
वन विभाग की टीम को 11 हजार की नगद धनराशि देकर किया सम्मानित
देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी ने गुलदार को ढेर करने वाली वन विभाग की टीम को 11 हजार रुपये की नगद धनराशि देकर सम्मानित किया। इसके साथ ही उन्होंने बेहतर रणनीति बनाने के लिए डीएफओ नरेंद्रनगर अमित कंवर, एसडीएम कीर्तिनगर सोनिया पंत, तहसीलदार मानवेंद्र बत्र्वाल, वन क्षेत्राधिकारी बुद्धि प्रकाश, मगन सिंह रावत, डिप्टी रेंजर सुखदेव बडोनी, भीम सिंह, सुरेश पैन्यूली का सम्मान भी किया। इस मौके पर अभिषेक नेगी, संजय रौथाण सहित कीर्तिनगर, माणिकनाथ व शिवपुरी रेंज के करीब 50 से अधिक वन कर्मी मौजूद रहे।
एसडीओ को एम्स किया रेफर
गुलदार के हमले में घायल हुए वन विभाग के एसडीओ अनिल पैन्यूली को एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है। बेस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. अजय विक्रम सिंह ने बताया कि एसडीओ को अंदरूनी चोटें आई हैं। उन्होंने एम्स जाने की इच्छा जताई थी तो उन्हें रेफर कर दिया गया है। जबकि वनकर्मी महावीर सिंह के जख्मी होने पर उन पर टांके लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को घायल पांच महिलाओं में से अस्पताल में एक ही महिला भर्ती है। शेष सभी को डिस्चार्ज किया गया है।
यह रहा घटनाक्रम
- सुबह 8.00 बजे मलेथा में पेट्रोल पंप के पास खेतों में दिखाई दिया गुलदार
- सुबह 9.30 बजे मलेथा में होटल के भूतल में बने कमरे में घुसा गुलदार
- सुबह 10.30 बजे के करीब कमरे से निकलकर खेतों की ओर भागा गुलदार
- दोपहर 12.00 बजे के करीब एसडीओ व एक वनकर्मी पर किया हमला
- दोपहर 1.10 बजे गुलदार हुआ ढेर
मलेथा में गुलदार ने चार वन कर्मियों पर हमला किया। जबकि एक दिन पहले वह कई महिलाओं पर भी हमला कर चुका था। गुलदार की तलाश करने के लिए विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही थी। पहले गुलदार को ट्रेंकुलाइज करने का प्रयास किया गया, लेकिन जब वह वन कर्मियों पर ही हमलावर हो गया तो फायर करना पड़ा। जिससे गुलदार ढेर हो गया। गुलदार की उम्र करीब दस साल से अधिक लग रही है।
- अमित कवंर, डीएफओ, नरेंद्रनगर।
गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग सहित स्थानीय प्रशासन ने कड़ी मशक्कत की है। गुलदार ने दो दिनों में नौ लोगों को घायल किया है। वन विभाग के एसडीओ व एक अन्य वन कर्मी भी गुलदार के हमले में घायल हुए हैं। जनहित को देखते हुए गुलदार को मारना पड़ा।
- विनोद कंडारी, विधायक, देवप्रयाग विधानसभा।