प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत उत्तराखंड के 8.82 लाख किसानों के बैंक खातों में 176.46 करोड़ की राशि जमा की गई। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये लाभार्थी किसानों के खातों में योजना की धनराशि हस्तांतरित की है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने टिहरी जिले के चंबा विकासखंड के मशरूम उत्पादक सुशांत उनियाल से बात कर उनके प्रयासों को सराहा।
किसानों को खेती के लिए तत्काल कृषि निवेशों की व्यवस्था करने को केंद्र सरकार ने एक दिसंबर 2018 से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना लागू की है। इस योजना में उत्तराखंड के 9.15 लाख किसानों का पंजीकरण किया गया। योजना में अब तक प्रदेश के 9.03 लाख किसानों को छह हजार रुपये वार्षिक के हिसाब से 1212.09 करोड़ की राशि दी जा चुकी है। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से योजना के लाभार्थियों को योजना की राशि हस्तांतरित की है। जिसमें राज्य के 8.82 लाख किसानों के खाते में 176.46 करोड़ की राशि ट्रांसफर की गई।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रधानमंत्री ने कहा कि खाद्य तेल में आत्मनिर्भरता के लिए अब राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन ऑयल पाम का संकल्प लिया गया है। इस मिशन के माध्यम से खाने के तेल से जुड़े इकोसिस्टम पर 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा। भारत कृषि निर्यात के मामले में पहली बार दुनिया के टॉप-10 देशों में पहुंचा है। कोरोना काल में देश ने कृषि निर्यात के नए रिकॉर्ड बनाए हैं। जम्मू-कश्मीर का केसर विश्व प्रसिद्ध है। सरकार ने ये फैसला लिया है कि जम्मू कश्मीर का केसर देशभर में नाफेड की दुकानों पर उपलब्ध होगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवाओं को खेती और बागवानी से जोड़ने के लिए विभिन्न स्थानों पर की जा रही नई पहलों का अध्ययन किया जाए। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए उत्पादों का मूल्य संवर्धन करने के साथ ही सप्लाई चेन पर जोर दिया जाए। इस मौके पर कृषि एवं उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल भी मौजूद थे।
पहाड़ की जवानी पहाड़ के काम आ रही : पीएम
प्रधानमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न राज्यों के लाभार्थी किसानों से बात कर उनके द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। टिहरी जिले के चंबा विकासखंड के सुशांत उनियाल ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि वे डिंगरी मशरूम का उत्पादन कर रहे हैं। इस काम को शुरू करने के लिए सरकारी योजनाओं से बहुत लाभ हुआ है।
मशरूम उत्पादन से आसपास के ग्रामीणों को भी जोड़ा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी पहाड़ के काम नहीं आती है। लेकिन हमें इसे उलट करना है। उनियाल जैसे युवाओं को देखकर लग रहा है कि अब पहाड़ की जवानी फिर पहाड़ के काम आ रही है। युवा जब खेती करता है तो बड़ा बदलाव आना निश्चित है। शहरों और गांवों में सुविधाओं के भेद को कम करना सरकार का प्रयास है।