हिमाचल की तर्ज पर ग्रेड पे व नियमित किए जाने की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे मनरेगा कर्मचारियों के काम पर न लौटने पर उन्हें हटाए जाने का निर्देश जारी किया गया है। परियोजना समन्वयक मोहम्मद असलम की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि शनिवार तक जो कर्मचारी काम पर नहीं लौटे उनकी सेवा समाप्त कर दी जाए।
प्रदेश में 1294 मनरेगा कर्मचारी पिछले 74 दिनों से हड़ताल पर हैं। परियोजना समन्वयक की ओर से हड़ताली कर्मचारियों के संबंध में समस्त मुख्य विकास अधिकारियों एवं अपर जिला कार्यक्रम समन्वयकों को जारी निर्देश में कहा गया है कि हड़ताली कर्मचारियों को शनिवार 29 मई तक प्रस्तावित विकल्पों का चयन करते हुए योगदान दिया जाना है।
योगदान ईमेल के माध्यम से भी स्वीकार किया जा सकता है। यदि कोई कर्मचारी किसी वजह से 29 मई को भौतिक रूप से कार्यस्थल में उपस्थित नहीं हो पाया है तो 31 मई को कार्यस्थल पर उपस्थित हो सकता है।
काम पर लौटने वाले कर्मचारियों की सूचना ईमेल से उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही जिन कर्मचारियों की ओर से योगदान नहीं किया जा रहा है उनकी सेवा समाप्त की जाए। सेवा समाप्त किए जाने से खाली हुए पदों की संख्या ई मेल से 31 मई तक प्रकोष्ठ कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।
जिलों से आज काम पर लौटने वाले मनरेगा कर्मचारियों की सूचना मांगी गई थी, लेकिन अभी किसी जिले से कर्मचारियों के लौटने की सूचना नहीं है। हो सकता है देर रात या फिर रविवार तक इस संबंध में सूचना मिले। जिलों को स्पष्ट कहा गया है कि काम पर न लौटने वालों को हटाया जाए।
- मोहम्मद असलम, परियोजना समन्वयक मनरेगा