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उत्तराखंड: हरीश रावत ने लगाया आरोप, कहा- परिसंपत्तियों के मामले में यूपी के आगे किया सरेंडर

Sat, 20 Nov 2021 08:38 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

हरीश रावत ने कहा कि त्रिवेंद्र रावत सरकार में यूपी के साथ परिसंपत्तियों के बंटवारे को लेकर 75:25 के अनुपात का फार्मूला अपनाया गया था, जबकि अब कहा जा रहा है कि परिसंपत्तियों का सर्वेक्षण किया जाएगा।
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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उत्तराखंड का उत्तर प्रदेश के साथ हुए परिसंपत्तियों के समझौते के दिन को काला दिन बताते हुए कहा कि कांग्रेस इस समझौते को पूरी तरह से खारिज करती है। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड के हितों के लिए उनका लखनऊ दौरा ऐतिहासिक रहा। परिसंपत्तियों के बंटवारे के एक-एक बिंदु पर सहमति बन गई है।

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केवल शब्दों में उलटफेर और उत्तराखंड के साथ अंधेर हुआ
हरीश रावत ने आरोप लगाते हुए कहा है मुख्यमंत्री ने यूपी के मुख्यमंत्री के आगे समर्पण कर दिया। कांग्रेस इस मसले को लेकर राजभवन और सुप्रीम कोर्ट जाएगी। उन्होंने कहा कि परिसंपत्तियों के मसले पर भाजपा सरकार में दो बार समझौते हुए, लेकिन इसमें केवल शब्दों में उलटफेर और उत्तराखंड के साथ अंधेर हुआ। 

 राजीव भवन में मीडिया से बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने परिसंपत्तियों पर हुए समझौते पर प्रदेश सरकार को घेरते हुए कहा कि इस तरह का समझौता पहले भी हुआ। पूर्व में त्रिवेंद्र और योगी के बीच में समझौता हुआ था, लेकिन पूर्व और अब हुए दोनों समझौतों में एक बात कही गई है कि यूपी बड़ा भाई और उत्तराखंड छोटा भाई है। एक ही तरह का दावा किया गया कि इतने साल बाद परिसंपत्तियों का विवाद सुलझा। 18 नवंबर 2021 को परिसंपत्तियों पर हुए समझौते में उत्तराखंड ने अपने भावी अधिकारों यूपी को दे दिया है। आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री उत्तराखंड की पैरोकारी करने में बौने साबित हुए हैं।
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एक समझौता 2018 में हुआ था इसमें कहा गया कि सिंचाई विभाग की परिसंपत्तियां हैं। इसमें जलाशय, भूमि आदि शामिल हैं, उसमें 75:25 के अनुपात में फार्मूला तैयार किया गया। जबकि आज उस समझौते को पूरी तरह से पलट दिया गया है। आज हुए समझौते में कहा गया है कि इसका सर्वेक्षण होगा। इसके बाद निर्णय होगा। एक ही पार्टी की सरकार में हुए समझौतों में केवल शब्दों में उलटफेर किया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे मसले पर कांग्रेस कोर कमेटी की बैठक बुलाई जा रही है। जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।  

बैगुल और नानकसागर जलाशय पर यूपी का स्वामित्व मान लिया 
हरीश रावत ने कहा कि बैगुल और नानकसागर जलाशय पर पूर्व में सैद्धांतिक सहमति बनी थी, लेकिन इसके बाद से इस पर बात आगे नहीं बढ़ी। अब समझौते में कहा गया है कि हमें इस पर नौकायन का अधिकार मिल जाएगा। जिससे यह स्पष्ट है कि इन जलाशयों पर यूपी का स्वामित्व मान लिया गया है। हरीश रावत ने कहा कि टिहरी डेम के स्वामित्व का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। यूपी के साथ हुए समझौते में कहा गया है कि न्यायालय में जितने वाद लंबित हैं उन्हें वापस लिया जाएगा। टिहरी डेम पर हमारा जो अधिकार है, जिस पर याचिका दायर की गई है उसे वापस लेने का फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान कोविड को लेकर जो रोक लगाई थी उसे हटाया जाना चाहिए था, लेकिन अब जबकि चारधाम यात्रा नहीं है सरकार प्रतिबंध हटा रही है। 

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मुख्यमंत्री ने अपनी कुर्सी की कीमत पर किया यह समझौता : गोदियाल  

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि परिसंपत्तियों का यह समझौता मुख्यमंत्री ने अपनी कुर्सी की कीमत पर किया है। यूपी को बेहतर स्थिति देने के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पर दबाव बनाया गया कि वह लखनऊ जाएं और समझौता करें। नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने परिसंपत्तियों के समझौते के नाम पर उत्तराखंड के जल, जंगल, जमीन को उत्तर प्रदेश के हाथों में गिरवी रख दिया है।

इस दिन को कांग्रेस काला दिवस के रूप में मनाएंगी। सरकार इस मसले पर श्वेत पत्र जारी करे। इसके लिए अलग से विधानसभा का सत्र बुलाया जाए और सरकार बताए कि वास्तविकता क्या है। उन्होंने कहा कि ट्रिपल इंजन की सरकार में उत्तराखंड के हितों के संरक्षण के बजाए केंद्र सरकार के दबाव में परिसंपत्तियों के मामले में यूपी के आगे समर्पण किया गया है। 

जिनको पार्टी नेता नहीं मानती, उन पर क्या कहूं : धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के परिसंपत्ति विवाद पर हुए समझौते पर उठाए गए सवालों के बारे में पूछा तो उन्होंने हरीश पर तंज किया। धामी ने कहा कि जिनको उनकी पार्टी नेता नहीं मानती, उन पर मैं क्या कहूं।

उत्तराखंड के हितों के लिए लखनऊ दौरा ऐतिहासिक : धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड के हितों के लिए उनका लखनऊ दौरा ऐतिहासिक रहा। परिसंपत्तियों के बंटवारे के एक-एक बिंदु पर सहमति बन गई है। शनिवार को देहरादून स्थित पुलिस लाइन मैदान पर पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने यह बात कही। यहां भाजपा और युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के साथ पहुंचे मुख्यमंत्री एक खुले वाहन पर सवार हुए। दोपहिया वाहनों के साथ रोड शो लेकर निकले। शो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कैंट रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंचा। इससे पूर्व मुख्यमंत्री धामी ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच 21 साल से चल रहे परिसंपत्ति विवाद को लेकर हुई इस बैठक को ऐतिहासिक बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के हितों के लिए यह दौरा ऐतिहासिक रहा। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पिछले 21 सालों से उत्तर प्रदेश के साथ परिसंपत्तियों के बंटवारे को लेकर बातचीत चल रही थी। परंतु समाधान तक नहीं पहुंच पा रही थी, लेकिन दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ मुख्यमंत्री स्तर की बैठक में परिसंपत्तियों के बंटवारे को लेकर एक-एक बिंदु पर सहमति बन गई। 

मुख्यमंत्री ने परिसंपत्तियों के बंटवारे से उत्तराखंड व क्षेत्र को होने वाले फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष कौशिक ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने ऐतिहासिक काम किया। स्वागत कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन, प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार समेत कई कार्यकर्ता शामिल हुए। 
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