प्रदेश के सरकारी और अशासकीय स्कूलों में 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्राओं को मुफ्त साइकिल या फिर इसके लिए धनराशि मिलेगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इसके लिए 14.07 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
शिक्षा निदेशक आरके कुंवर ने बताया कि प्रदेश में बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन के लिए शिक्षा विभाग की ओर से हर साल नवीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्राओं को साइकिल या इसके लिए धनराशि दी जाती है।
इस योजना के तहत पर्वतीय क्षेत्र की छात्राओं के नाम 2850 रुपये की चार साल के लिए एफडी की जाती है। मैदानी क्षेत्र के स्कूलों की छात्राओं को विभाग की ओर से साइकिल दी जाती है। छात्राओं को साइकिल की धनराशि का हस्तांतरण डीबीटी के माध्यम से किया जाता है।
प्रदेश के कई स्कूलों की लिए धनराशि की मंजूर
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विधानसभा क्षेत्र नैनीताल के जीआईसी भूमियाधारा में कक्षों के निर्माण के लिए सात लाख की धनराशि जारी करने की मंजूरी दी है। इसके अलावा राजीव गांधी नवोदय विद्यालय संतूधार पौड़ी गढ़वाल में चहारदीवारी और तारबाड़ के लिए 110.38 लाख के सापेक्ष पहली किस्त 44.15 लाख अवमुक्त करने पर सहमति दी है। राजकीय इंटर कालेज रैंस चोपता में दो कक्षों के निर्माण के लिए 49.55 लाख की धनाशि स्वीकृत करने की मंजूरी दी है।
12 सरकारी कॉलेजों का कायाकल्प करेगा हंस फाउंडेशन
प्रदेश के 12 सरकारी कॉलेजों को हंस फाउंडेशन मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। यह कहना है उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत का। उन्होंने विभाग के अधिकारियों की बैठक लेते हुए कहा कि इसके लिए प्रत्येक कॉलेज को 50-50 लाख की धनराशि दिए जाने पर सहमति बनी है।
उच्च शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत प्रदेश उन कॉलेजों को शामिल किया गया है। जो कॉलेज रूसा (राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान) के वित्तीय सहयोग से वंचित रह गए थे। चयनित कॉलेजों में हंस फाउंडेशन की ओर से कंप्यूटर, पुस्तकालय के लिए पुस्तक, ई बोर्ड, स्मार्ट क्लास, प्रयोगशाला उपकरण, फर्नीचर आदि की सुविधाओं के लिए धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग को प्रत्येक कॉलेज की आवश्यकता के अनुसार निर्धारित प्रारूप पर प्रस्ताव तैयार कर इसे हंस फाउंडेशन को उपलब्ध कराना होगा। हंस फाउंडेशन की ओर से जिन कॉलेजों को सुविधा के लिए धनराधि दी जाएगी।
उनमें रायपुर, डोईवाला, चंपावत, रानीखेत, पाबौं, सितारगंज, बड़कोट, कोटद्वार भाबर, थलीसैंण, गैरसैंण, चौबट्टाखाल और कर्णप्रयाग को शामिल किया गया है।