पुलिस टीम द्वारा बिहार में मृतका के भाई संदीप भगत से पूछताछ की गई तो वह कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसके द्वारा विगत छह नवंबर को देहरादून में अपने बडे़ भाई सुभाष भगत व भाभी फूलकुमारी के साथ मिलकर रीना की हत्या करना स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस आरोपी संदीप भगत को गिरफ्तार कर ट्राजिंट रिमांड पर देहरादून लाया गया। वहीं सुभाष भगत व फूलकुमारी को 23 दिसबंर को देहरादून से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में संदीप ने जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि बताया कि रीना (18 वर्ष) उनके कहने-सुनने में नही थी और घर से रात- रात भर गायब रहती थी, जिस कारण उनकी गांव में काफी बेईज्जती हो रही थी। बताया कि वह गांव के ही छोटी जाति के लड़के के साथ घूमती थी। मना करने पर भी वह नहीं मानी और उसी लड़के के साथ शादी करने की जिद लगाए बैठी थी। जिस कारण गांव में बिरादरी समाज द्वारा उन्हें बेदखल करने की धमकी दी जा रही थी।
रीना की इन्हीं हरकतों से तंग आकर छह नवंबर को संदीप अपने भाई सुभाष व भाभी फूलकुमारी के साथ रीना को घुमाने के बहाने से सौडा सरौली के जंगलों में ले गया। जहां मौका पाकर सुभाष ने उसका गला दबाया और संदीप तथा फूलकुमारी ने उसके हाथ पैर पकडे़। रीना के शव को वहीं जगंल में पत्थरों से दबा दिया।
रीना की हत्या करने के बाद संदीप उसी दिन ट्रेन से बिहार चला गया और सुभाष व फूलकुमारी राजीव नगर में अपने किराए के कमरे पर आ गए। देहरादून में रहने वाले परिचितों को सुभाष और फूलकुमारी ने बताया कि संदीप और रीना बिहार चले गए हैं, इसी तरह गांव में लोगों को संदीप ने बताया कि रीना देहरादून में ही रह रही है।