कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद पहली बार मीडिया से मुखातिब हुए गणेश गोदियाल ने अपनी पहली प्रेस कांफ्रेंस में सत्ता पक्ष के कई फैसलों पर सवाल खड़े कर दिए। कहा कि सत्ता में बैठी भाजपा सरकार ने राज्य में लागू भू-कानून में ऐसे छेद कर दिए कि आने वालीं नस्लों के लिए एक इंच जमीन नहीं बचेगी।
उन्होंने कहा कि भू-कानून में राज्य में इनवेस्ट के नाम पर किए गए बदलाव के बाद उतना इनवेस्ट भी नहीं आया, जितना इनवेस्टर समिट पर खर्च किया गया था। यह सीधे-सीधे जनता के पैसों की लूट है। उन्होंने कहा कि पहाड़ों में उद्योग लगने चाहिए, लेकिन उसके मानक तय होने चाहिए। सरकार ने खुद जमीन खरीदकर दी।
उसमें व्यवस्था हो कि जिस उद्योग के लिए जमीन ली गई है, यदि वह उद्योग नहीं लगता है तो जमीन सशर्त वापस ले ली जाए। प्रेस वार्ता में पार्टी प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव, सह प्रभारी राजेश धर्माणि, दीपिका पांडे, प्रकाश जोशी, मनोज रावत, ममता राकेश, किशोर उपाध्याय, करण मेहरा, प्रदीप टम्टा, अरेंद्र शर्मा, भुवन कापड़ी, राजीव महर्षि, सूर्यकांत धस्माना, तिलक राज आदि मौजूद थे।
जंबो टीम मेरे ही कहने पर बनी : गोदियाल
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उन्हीं के कहने पर 10 समितियों, चार कार्यकारी अध्यक्ष सहित 180 से ज्यादा सदस्य बनाए गए हैं। चुनाव के लिए अब समय कम है, ऐसे में वे अकेले पूरे प्रदेश में भ्रमण नहीं कर सकते हैं। समितियों में शामिल पदाधिकारियों का लाभ पार्टी को जरूर मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया पूर्व पदाधिकारियों को नहीं हटाया जाएगा। जरूरत पड़ी तो नए लोगों को भी पार्टी में जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।