वहीं, मामले में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे चार असिस्टेंट प्रोफेसरों की सेवा समाप्त कर दी गई है। राजकीय सेवा से बर्खास्त इन असिस्टेंट प्रोफेसर में इंद्रजीत सिंह, डॉ. नंदिनी सिंह, एके राय और डॉ. नरेश मोहन चड्ढा शामिल हैं। भौतिक विज्ञान विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर इंद्रजीत सिंह वर्ष 2004, डॉ. नरेश मोहन चड्ढा वर्ष 2003, डॉ. नंदिनी सिंह एवं एके सिंह वर्ष 2004 से लगातार गैरहाजिर चल रहे थे।
उच्च शिक्षण संस्थानों में लापरवाही और अनुशासनहीनता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में इस तरह के अन्य शिक्षकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. धन सिंह रावत, शिक्षा मंत्री