सेलाकुई क्षेत्र में खसरा नंबर 323 में स्थापित कई उद्योगों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। सरकार की अनुमति के बाद लीगल रूप से उद्योग स्थापित हुए हैं। इस मामले को लेकर शासन स्तर पर उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा।
- विपुल डावर, अध्यक्ष, सीआईआई, उत्तराखंड
पहले सरकार ने उद्योग लगाने को जमीन दी। अब उसी जमीन को सरकार गलत बता कर उद्यमियों को नोटिस दे रही है। पूरी तरह से गलत है। ऐसे में बाहर से कोई भी निवेश उत्तराखंड में पूंजी निवेश करने नहीं आएगा। जिस समय उद्यमियों ने नक्शे पास किए और जमीन की रजिस्ट्री कराई। उस समय प्रशासन कहां था। उद्यमियों ने सरकार की अनुमति के बाद ही उद्योग लगाए। उद्योगों को जो नुकसान हुआ है। उसकी भरपाई जिम्मेदारी अफसरों से की जाए। उद्योगों के बजाय अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
- पंकज गुप्ता, अध्यक्ष, इंडस्ट्री
प्रदेश में उद्योगों की स्थापना के लिए भूमि प्रबंधन व अवस्थापना विकास के लिए वर्ष 2002 में सिडकुल का गठन किया गया। अब तक प्रदेश में सात औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल की ओर से विकसित किए गए। राज्य गठन से पहले उद्योग विभाग और यूपीएसआईडीसी के माध्यम से 2116.62 एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया गया था।
औद्योगिक क्षेत्र - भूमि एकड़ में
फार्मा सिटी सेलाकुई - 50
आईटी पार्क - 67
बीएचईएल हरिद्वार - 1695
पंतनगर - 3234
सितारगंज - 1093
सितारगंज फेज-दो - 1700
सिगड्डी कोटद्वार - 100
कुल - 7939 एकड़