पुलिस ने प्रशासन की जांच पर एक के बाद एक 13 मुकदमे दर्ज किए। इनमें देहरादून में नामी अधिवक्ताओं के नाम भी सामने आए। अधिवक्ता कमल विरमानी एक साल से अधिक समय से जेल में बंद है। गत जनवरी में पुलिस की ओर से इस मामले में ईडी को जांच के लिए लिखा गया था। अब इस मामले में ईडी ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक ईडी ने आरोपी अधिवक्ताओं के घर व अन्य आरोपियों के ठिकानों से बहुत से दस्तावेज बरामद किए हैं। ईडी के विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार जिन दो बिल्डरों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है, उनके नाम पुलिस जांच में सामने नहीं आए थे, लेकिन माना जा रहा है कि इन बिल्डरों का इस केस से गहरा ताल्लुक है।
पांच राज्यों के थे आरोपी, सूत्रधार केपी सिंह की हो चुकी है मौत
इस मामले में सबसे पहले एक अधिवक्ता इमरान की गिरफ्तारी हुई थी। उससे पूछताछ में पता चला कि मामले का सूत्रधार सहारनपुर का रहने वाला केपी सिंह है। केपी सिंह की सहारनपुर जिला जेल में तबीयत खराब होने से मौत हो गई थी। पूरे प्रकरण में करीब 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें राजस्व के नामी अधिवक्ता कमल विरमानी का नाम भी शामिल है। जबकि, दो आरोपी आसाम, दो पंजाब, हरियाणा का रोहिताश, सहारनपुर का छोटा पंडित व मक्खन सिंह शामिल हैं। इन सभी के ठिकानों पर ईडी ने छापा मारा है। सहारनपुर में केपी सिंह के मकान पर भी ईडी पहुंची थी।