एसएसपी ने थानेदारों व अन्य के खिलाफ शिकायतों के मामले में कहा कि शिकायतें होती रहती हैं। कई बार शिकायत तो इस बात को लेकर भी हो जाती है कि अधिकारी या कर्मचारी विशेष बहुत सख्त मिजाज है। तो यह अपने आप में ठीक बात है। क्योंकि पुलिस का एक पक्ष कठोर बना रहना भी होता है। लेकिन यहां अगर बदतमीजी की शिकायत होती है तो यह बर्दाश्त नहीं होगी।
उनसे पूछा गया था कि लोग थाने चौकियां न आकर सीधे अधिकारियों के पास जाते हैं तो इसका भी उन्होंने सहजता से जवाब दिया। कहा कि हर किसी की अपनी एक पहुंच या जानपहचान होती है। यदि वह वहां जाना चाहता है तो इसमें कोई बुराई नहीं है लेकिन यदि वह वहां तंग आकर गया है तो यह बर्दाश्त योग्य नहीं है। पुलिस को अपना विश्वास जनता के बीच पैदा करना होगा।
यातायात में अगर प्रयोग होगा तो उसमें पहले होमवर्क होगा
देहरादून में अक्सर यातायात को लेकर प्रयोग होते रहते हैं। इस मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वर्तमान में शहर के ट्रैफिक को एक बहुस्तरीय प्लानिंग की जरूरत है। वह विभिन्न विभागों और सरकार की मंशा पर निर्भर करेगा। जहां तक ट्रैफिक को रेग्युलेट करने की बात है तो इसके लिए प्रयोग अगर होगा तो उसके लिए पहले होमवर्क होगा। ऐसा नहीं है कि जनता के सिर पर पहले ही प्रयोग का बोझ डाल दिया जाए।