उत्तरांचल परिवहन मजदूर संघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि परिवहन निगम में कर्मचारियों के वेतन, सेवानिवृत्ति के भुगतान आदि के लिए कम से कम 200 करोड़ रुपये की राहत दी जाए। इस संबंध में संघ ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। संघ के महामंत्री बालकृष्ण शर्मा ने कहा कि निगम की ओर से एसीपी को लेकर जारी आदेश की वजह से कर्मचारियों का वित्तीय शोषण हो रहा है। उन्होंने मांग की कि जल्द से जल्द इस आदेश को स्थगित किया जाए।
संघ ने मांग की कि मृतक आश्रित पर नियमित नियुक्ति की जाए। लांबा कमेटी के सुझावों को सार्वजनिक कर परिवहन निगम को प्रदेश की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए परिवहन विभाग के अधीन संचालित किया जाए। गलत वेतन निर्धारण का दोबारा निरीक्षण का आदेश जारी किया जाए। निगम में कार्यरत संविदा, आउटसोर्सिंग चालक, परिचालकों एवं कार्यशालाओं में दैनिक मजदूरी पर रखे गए कार्मिकों को नियमित किया जाए।
नियमितीकरण तक उनको केंद्र सरकार की ओर से तय कम से कम 24000 रुपये प्रतिमाह भुगतान किया जाए। वर्तमान में ग्रामीण पर्वतीय क्षेत्रों में प्रवासी मजदूरों की बेराजगारी को देखते हुए उनको उनके ही क्षेत्र में रोजगार मुहैया कराने के लिए पर्वतीय क्षेत्रों के महत्वपूर्ण स्थानों पर परिवहन निगम के डिपो खोले जाएं। परिवहन निगम के लिए हर साल करी 100 नई बसों की खरीद को बजट की व्यवस्था की जाए। ज्ञापन में संघ ने इसके अलावा भी कई मांगें की।