जीएलओएफ के अध्ययन में ये पांच सबसे खतरनाक झीलें
ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी जीएलओएफ के अध्ययन में उत्तराखंड में 13 झीलें खतरनाक मानी गई हैं, इनमें से पांच झीलें हाई रिस्क की हैं। इनमें वसुधारा झील, चमोली के धौलीगंगा बेसिन में मौजूद है, जिसका आकार 0.50 हेक्टेयर और ऊंचाई 4702 मीटर है। दूसरी अनक्लासीफाइड झील, पिथौरागढ़ के दारमा बेसिन में 0.09 हेक्टेयर में फैली है और इसकी ऊंचाई 4794 मीटर है। तीसरी मबान झील पिथौरागढ़ के लस्सर यांगती वैली में है, जो 0.11 हेक्टेयर और समुद्र तल से 4351 मीटर की ऊंचाई पर है। चौथी अनक्लासीफाइड झील, पिथौरागढ़ की कूठी यांगति वाली में 0.04 हेक्टेयर में 4868 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद है। पांचवीं प्यूंग्रू झील पिथौरागढ़ की दरमा बेसिन में 0.02 हेक्टेयर और 4758 मीटर की ऊंचाई पर है।
ऐसे किया जाएगा पंचर
झीलों की निगरानी के लिए मौके पर उपकरण स्थापित किए जाएंगे। सैटेलाइट से भी उन्हें लिंक किया जाएगा। इसके अलावा न्यूनीकरण के लिए ग्लेशियर झीलों की परिस्थितियों को देखते हुए, वहां पर डिस्चार्ज क्लिप पाइप्स डाले जाएंगे, जिससे झीलें पंचर होंगी। तकनीकी टीम अपने अध्ययन में ये भी देखेगी कि इन झीलों की दीवारें कितनी मजबूत व गहरी हैं।