समुद्र तल से करीब 1800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) को बदरीनाथ धाम का प्रवेश द्वार कहा जाता है। यहां नृसिंह मंदिर के दर्शनों के बाद ही तीर्थयात्री अपनी बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा शुरू करते हैं। तिब्बत (चीन) सीमा क्षेत्र का यह अंतिम नगर क्षेत्र है। नगर के अधिकांश क्षेत्र में सेना और आईटीबीपी के कैंप स्थित हैं। जोशीमठ से ही पर्यटन स्थल औली के लिए रोपवे और सड़क मार्ग है।
ये उपाय हो सकते हैं कारगर
- जोशीमठ नगर में पानी की निकासी के लिए मजबूत ड्रेनेज सिस्टम हो।
- संपूर्ण नगर क्षेत्र को सीवरेज से कवर किया जाए, जिससे पानी भूमि के अंदर न जा सके।
- आवासीय भवनों से निकलने वाले पानी की निकासी का भी उचित प्रबंधन हो।
- नए बहुमंजिला भवनों की अनुमति न दी जाए, जिससे भूमि पर अधिक दबाव न पड़ सके।
- रीवर साइड पौधरोपण किया जाना चाहिए, जिससे भू कटाव पर प्रभावी रोक लग सके।