मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया है कि वे घर-घर जाकर लोगों को सरकार के विकास कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी बताएं। केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार ने कई विकास कार्य किए है। केंद्र के सात साल के विकास कार्य 60 साल पर भारी हैं।
बुधवार को नैनीताल क्लब में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा एक ऐसी पार्टी है जिसके शासन में न ही भ्रष्टाचार हुए ना ही घोटाले। उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति तीन विचारधाराओं पर आधारित है। पहली नेशनलिस्ट जो देश के बारे में सोचती है, यह विचारधारा भाजपा की है।
दूसरी मीडिलिस्ट, जो इधर की बातें उधर करती है, यह विचारधारा कांग्रेस की है। तीसरी लेटिस जो सिर्फ विरोध प्रदर्शन करती है। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य, शहरी विकास मंत्री बंशीधर भगत, क्षेत्रीय विधायक संजीव आर्य, जिला अध्यक्ष भाजपा प्रदीप बिष्ट, विधायक दीवान सिंह बिष्ट, नवीन दुम्का, मेयर डॉ. जोगेंद्र रौतेला, भवाली पालिकाध्यक्ष संजय वर्मा, ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट, मंडल अध्यक्ष आनंद बिष्ट, प्रदेश प्रवक्ता प्रकाश रावत, मनोज जोशी, गोपाल रावत, अरविंद पडियार, कुंदन बिष्ट, विवेक साह, विश्वकुतु वैद्य, रोहित भाटिया आदि मौजूद रहे।
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता समेत कई लोग भाजपा में शामिल
कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ कूटा के अध्यक्ष व कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता प्रो. ललित तिवारी के साथ ही कई लोगों ने भाजपा की सदस्या ले ली। सदस्यता लेने वालों में डॉ. विजय कुमार, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. ललित मोहन, डॉ. प्रदीप कुमार, जगदीश पालीवाल, आनंद रावत आदि शामिल रहे।
भाषण से पहले ही गायब भीड़
मुख्यमंत्री धामी के आगमन के चलते पंत पार्क में लोगों का जमावड़ा लग गया। भीड़ को देख मुख्यमंत्री समेत अन्य जनप्रतिनिधियों के चेहरे खिल गए लेकिन यह भीड़ कुछ ही देर के लिए थी क्योंकि मुख्यमंत्री के भाषण शुरू होने से पहले ही आधी भीड़ गायब हो गई। आखिरी पंक्तियों में लगी कुर्सियां खाली हो गईं। मुख्यमंत्री के दौरे में पुलिस कोविड के सारे नियम भूल गई। इस कारण भाजपाई व कई लोग बिना मास्क नजर आए और सामाजिक दूरी के नियम की धज्जियां उड़ाते दिखे।
पुलिस ने की पत्रकारों व आम जनता से अभद्रता
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान पुलिस कई बार पत्रकारों व आम जनता से अभद्रता करती नजर आई। कार्यक्रम के दौरान पुलिस कर्मियों ने कई मीडिया कर्मियों को कवरेज करने से रोका गया। परिचय देने के बाद भी पत्रकारों के साथ अभद्रता की गई। मुख्यमंत्री के नैनीताल आगमन पर पुलिस ने एक घंटे पहले ही ट्रैफिक रोक दिया। इसके चलते लोगों दिक्कत का सामना करना पड़ा। मुख्यमंत्री के आने के बाद जब लोगों की आवाजाही शुरू की तो सड़कों पर जाम लग गया। वाहन सड़कों पर रेंगकर चलते रहे।