सीएम ने कहा, राज्य में आपदा और क्लाइमेट चेंज को और अधिक समझने में एआई की मदद से प्रभावी ढंग से कार्य किया जा सकता है। एआई मिशन के तहत केंद्र से बेहतर समन्वय करके एआई के अनुकूल वातावरण बनाया जा रहा है। कहा, प्रदेश के विभिन्न संस्थानों, इंस्टीट्यूट के सहयोग से एआई के लिए प्रभावी तंत्र बनाने पर कार्य करेंगे। महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत ने कहा, वर्तमान समय एआई का है।
कहा, उत्तराखंड देवभूमि संग ही स्पिरिचुअल, साइंटिफिक सॉल्यूशन की भूमि है। यहां कई केंद्रीय संस्थान हैं। एआई को राज्य के विकास से जोड़ते हुए कृषि, पर्यटन, गुड गवर्नेंस, लाइवलीहुड, स्वास्थ्य एवं अन्य क्षेत्र में कार्य करना है।
दिनेश त्यागी ने कहा, स्कूल-कॉलेज के छात्रों को एआई का बेसिक शिक्षण देना जरूरी है। प्रो. ओपीएस नेगी ने कहा, हमें एआई को अपनी शिक्षा व्यवस्था में शामिल करना होगा। इस मौके पर उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, सचिव नितेश झा एवं विभिन्न विवि के कुलपति मौजूद रहे।