मुख्य वन संरक्षक एवं निदेशक संजीव चतुर्वेदी का कहना है कि मेघालय, सिक्किम, असम जैसे दक्षिण पूर्व पूर्वोत्तर राज्यों के साथ ही केरल, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश जैसे दक्षिण भारत के राज्यों में पाए जाने वाली बेंत की कई प्रजातियों को उत्तराखंड लाया जाएगा।
बेंत की इन प्रजातियों को संरक्षित करने के साथ ही इन्हें जंगलों में लगाने के साथ ही लोगों को भी निजी जमीनों पर लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
बेंत से बने फर्नीचर की है मांग
मुख्य वन संरक्षक संजय चतुर्वेदी का कहना है कि बेंत से बने फर्नीचर का देश में करोड़ों रुपये का कारोबार है। बेंत से आकर्षक कुर्सी, मेज, सोफा बनाने के साथ ही अन्य फर्नीचर बनाये जाते हैं, जो टिकाऊ और सस्ते होते हैं।