शिक्षा विभाग में अफसरों के तबादलों में तबादला एक्ट के साथ ही वरिष्ठता को ताख पर रख दिया गया है। शून्य सत्र के बावजूद जहां बंपर तबादले किए गए हैं। वहीं, अपर निदेशक के बजाए संयुक्त निदेशक के पद पर कार्यरत अधिकारी को विभाग का प्रभारी बेसिक शिक्षा निदेशक बना दिया गया है। सीनियर के बजाए उससे एक पद जूनियर अफसर को विभाग का प्रभारी निदेशक बनाए जाने से विभागीय कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।
मुख्य सचिव के 24 मई 2021 के आदेश में कहा गया है कि निर्वाचन आचार संहिता एवं प्रशासनिक कारणों को छोड़कर इस सत्र में कोई तबादले नहीं किए जाएंगे। यही वजह है कि विभाग में शिक्षकों के तबादले नहीं किए जा रहे हैं। जबकि विभागीय अधिकारियों के तबादला एक्ट के दायरे में आने के बावजूद उनके बंपर तबादले कर दिए गए हैं।
शासन की ओर से विभागीय अधिकारियों की जो तबादला सूची जारी की गई है उसमें संयुक्त निदेशक रामकृष्ण उनियाल को प्रभारी अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा के पद से हटाकर प्रारंभिक शिक्षा का प्रभारी निदेशक बनाया गया है। जबकि शिक्षा महानिदेशालय में अपर निदेशक के पद पर कार्यरत वंदना गर्ब्याल उनसे काफी सीनियर हैं। जिनकी अपर निदेशक के पद पर तीन साल की सेवा पूरी हो चुकी है। इसके बावजूद उन्हें बेसिक शिक्षा का निदेशक नहीं बनाया गया। इसके अलावा कुछ अन्य अधिकारियों को जहां देहरादून लाया गया है, वहीं कुछ को पहाड़ चढ़ाया गया है।
विभाग में बंपर तबादलों की यह बताई जा रही वजह
विधानसभा चुनाव से पहले विभाग में निदेशक सहित कई अन्य अफसरों को इधर से उधर किए जाने की अलग-अलग वजह बताई जा रही हैं। शिक्षा सचिव आरमीनाक्षी सुंदरम का कहना है कि शिक्षा निदेशक आरके कुंवर अस्वस्थ होने की वजह से ठीक से काम नहीं देख पा रहे थे। पूर्व में उन्हें कोविड हुआ था। यही वजह रही कि उन्हें बेसिक व माध्यमिक शिक्षा निदेशक के पद से हटाकर एससीईआरटी का निदेशक बनाया गया है। लेकिन सूत्रों की मानें तो उन्हें हटाने के पीछे असल वजह यह रही है कि निदेशालय स्तर से निपटाए जाने वाले प्रकरणों को निदेशालय स्तर से न निपटाकर उनके द्वारा शासन को भेजा जा रहा था, इससे स्थिति गड़बड़ाने लगी थी। वहीं विभागीय मंत्री के मन मुताबिक काम न होना भी इसकी वजह बताई जा रही है।
...तो मंत्री ने बदला वंदना को निदेशक बनाने का प्रस्ताव
शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम के मुताबिक विभाग में वंदना गर्ब्याल वरिष्ठ हैं, यही वजह है कि उन्हें बेसिक शिक्षा का निदेशक बनाया जाना था। इसके लिए शासन की ओर से प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन शिक्षा मंत्री ने उन्हें निदेशक बनाने के प्रस्ताव को निरस्त कर दिया। मंत्री की ओर से वंदना के बजाए रामकृष्ण उनियाल को निदेशक बनाने की सिफारिश की गई। उधर शिक्षा मंत्री से इस मसले पर जानकारी लेने के लिए काफी प्रयास किया गया पर संपर्क नहीं हो पाया। उनका पक्ष आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
सीईओ देहरादून को शिकायतों के चलते हटाया
शिक्षा सचिव आरमीनाक्षी सुंदरम का कहना है कि सीईओ देहरादून आशा पैन्यूली के खिलाफ विभाग को शिकायतें मिल रही थीं। यही वजह रही कि उन्हें पूर्व में हटाने का आदेश हुआ था, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देश के बाद उनका तबादला रुक गया था।
रिजल्ट ठीक न रहा तो उनियाल भी हटेंगे
शिक्षा सचिव ने कहा कि शिक्षा निदेशक आरके कुंवर का स्वास्थ्य ठीक नहीं है। जबकि उनके स्थान पर निदेशक बनाई गई सीमा जौनसारी भी पूरी तरह से स्वस्थ नहीं हैं। संयुक्त निदेशक रामकृष्ण उनियाल को बेसिक शिक्षा विभाग का निदेशक बनाया गया है। विभाग में यह प्रयोग के तौर पर किया गया है, यदि उनका रिजल्ट ठीक न रहा तो उनियाल को भी बदला जाएगा।
शून्य तबादला सत्र में तबादले नहीं किए जा सकते, लेकिन इन तबादलों के लिए मुख्यमंत्री से विशेष अनुमति ली गई। इसके बाद तबादले किए गए हैं। रही बात निदेशक के पद पर वरिष्ठता को दरकिनार किए जाने की तो शासन की ओर से वंदना को निदेशक बनाने का प्रस्ताव भेजा गया था। जिसे विभागीय मंत्री ने रद्द कर दिया।
-आर मीनाक्षी सुंदरम, शिक्षा सचिव