बालक के डूबने की सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ की टीम ने किसी प्रकार गहरी नदी से किशोर को बाहर निकाला। शव बाहर निकलते ही परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए।
उन्होंने प्रशासन पर नदियों में अनियंत्रित खनन कराकर लोगों के जीवन से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए किशोर के शव को पुलिस को सौंपने से इनकार कर दिया। पुलिस के काफी समझाने के बाद भी लोग नहीं मानें।
इसके बाद पुलिस की सूचना पर पहुंचे तहसीलदार विकास अवस्थी को लोगों के विरोध को झेलना पड़ा। तहसीलदार के काफी देर तक समझाने के बाद लोग माने ओर पुलिस को किशोर का शव सौंपा।
सुखरो नदी में बलभद्रपुर निवासी एक किशोर के डूबने की सूचना मिली है। इसकी जांच पुलिस और तहसीलदार को सौंप दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।
- योगेश मेहरा, एसडीएम कोटद्वार