जहां पर रेस्क्यू दल द्वारा खोजबीन शुरू की। सड़क से कुछ मीटर नीचे खाई से वाहन चालक राकेश का शव खाई से बरामद किया गया। लेकिन उसके पांच वर्षीय पुत्र का पता नहीं चल सका था। रात के अंधेरा, गहरी खाई और घना जंगल होने के कारण बच्चे की खोजबीन में दिक्कत आ रही थी। थाना प्रभारी राजीव चौहान ने बताया कि सुबह दोबारा रेस्क्यू अभियान चलाया गया। बच्चे का शव भी बरामद हे गया है।
मकर संक्रांति को किया था नए घर में गृह प्रवेश
बलसुंडी गांव निवासी राकेश सिंह वाहन संचालन कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। बीते वर्ष तक वह अपने पांच वर्ष के बेटे को पढ़ाने के लिए परिवार सहित भणज में किराए के कमरे पर रहता था। इस वर्ष क्यूंजा में उसने अपना आवासीय मकान बनाया, जिसमें बीते 15 जनवरी को मकर संक्रांति के पर्व पर गृह प्रवेश हुआ था। वह, धीरे-धीरे अपने नए मकान में अपने परिवार की जरूरत के हिसाब से सामान जुटाने में लगा हुआ था।