दीपावली के दौरान वन्यजीवों के शिकार की घटनाओं को देखते हुए टाइगर रिजर्व प्रशासन ने अधिकारियों, कर्मचारियों के अवकाश पर रोक लगा दी है। इसके अलावा टाइगर रिजर्व क्षेत्र के हिरण, कांकड़, सांभर, उल्लू आदि वन्यजीवों के शिकार करने वालों की निगरानी की आदेश दिया गया है।
टाइगर रिजर्व निदेशक डीके सिंह ने बताया कि दीपावली के दौरान शिकारी टाइगर रिजर्व में दाखिल होकर वन्यजीवों का शिकार न कर सकें इसके लिए सभी दस रेंजों में गश्त को तेज कर दिया गया है। वन क्षेत्राधिकारियों की अगुवाई में टीमें दिन-रात गश्त कर रही हैं। इतना ही नहीं शिकारी विभागीय टीमों को चकमा देकर न दाखिल होने पाएं, इसके लिए संवेदनशील इलाकों में शिकारियों की ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जा रही है।
उन शिकारियों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है जो पूर्व में शिकार के मामले में जेल जा चुके हैं। साथ ही यदि किसी भी रेंज में शिकार की कोई बड़ी घटना होती है तो इसके लिए संबंधित वन क्षेत्राधिकारी जिम्मेदार होंगे। इसके अलावा टाइगर रिजर्व के आसपास के गांव के ग्रामीणों की भी मदद ली जा रही है।
उल्लू के शिकारियों पर पैनी नजर टाइगर रिजर्व देसक डीके सिंह ने बताया कि दीपावली के पर्व पर कुछ शिकारी उल्लुओं को पकड़ते हैं। इसका कारण अंधविश्वास है। ऐसे शिकारियों की भी निगरानी की जा रही है।